खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-सुकमा। जिले के पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े शिल्पकारों एवं कारीगरों का पंजीयन ग्राहक सेवा केन्द्र (सीएससी सेंटर) के माध्यम से किया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रम पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 200 से अधिक लोगों का पंजीयन किया गया।
डिप्टी कलेक्टर मधु तेता ने बताया योजना के तहत बढ़ई, नाव बनाने वाले, अस्त्रकार, लोहार, लोहे के औजार निर्माता, तालासाज, सोनार, कुम्हार, मूर्तिकार, संगतराश, चर्मकार (मोची) जूते बनाने वाले, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाडू व पैरदान बनाने वाले, गुडिय़ा एवं खिलौने बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी एवं मछली पकडऩे का जाल निर्माता आदि को सम्मिलित किया गया है। 05 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक से ऋण इस योजना के तहत पंजीयन के बाद उनके पारंपरिक कौशल को निखारने के लिए एवं 05 दिन का नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदाय किया जायेगा इस दौरान 500 रूपये प्रतिदिन की दर से स्टायपंड दिया जाएगा।
उन्हें यंत्र एवं औजार के लिए 15 हजार रूपये की अनुदान सहायता राशि भी दी जाएगी। हितग्राहियों को पहले चरण में एक लाख और दूसरे चरण में दो लाख की वित्तीय सहायता के रूप में 05 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक से ऋण लेने की पात्रता होगीं।
इस अवसर पर सुकमा जनपद सीईओ रवि साव, जयनारायण भगत जीएम डीटीआईसी, कैलाश कश्यप मैनेजर केवीआईबी, दामोदर बेहरा असिस्टेंट डायरेक्टर एमएसएमई डीएमओ रायपुर, उमेश प्रमोद असिस्टेंट डायरेक्टर एमएसएमई डीएमओ रायपुर प्रदीप क्षत्रिय सीएससी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

