पुलिस अधीक्षक ने की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना, पुनर्वासित माओवादियों ने भी निभाई सहभागिता
खबर वर्ल्ड न्यूज़ – संतोष कुमार, बीजापुर – असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक विजयदशमी के पावन पर्व पर बीजापुर जिले की पुलिस लाइन एवं जिला रिजर्व गार्ड डीआरजी में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा-अर्चना कर जिले में शांति, सुरक्षा, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।विजयदशमी के अवसर पर पुलिस जवानों ने अपने शस्त्रों की पूजा कर कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, साहस और जनसेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराया। भारतीय परंपरा में शस्त्र पूजा को शक्ति, पराक्रम और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के अनुरूप पुलिस लाइन एवं डीआरजी के शस्त्रागार में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।

*पुनर्वासित माओवादियों की सहभागिता रही विशेष आकर्षण*
इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि पुलिस जवानों के साथ पुनर्वासित माओवादियों ने भी शस्त्र पूजा में सहभागिता की। यह पहल हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, शांति स्थापित करने और सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के संदेश को रेखांकित करती है।
*जिले के सभी थानों में हुई शस्त्र पूजा*
विजयदशमी के अवसर पर बीजापुर जिले के समस्त थानों में भी विधि-विधान से शस्त्र पूजा की गई। पुलिस जवानों ने पूजा-अर्चना कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।विजयदशमी पर आयोजित इन धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से साहस, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और जनसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर जिले में शांति, सद्भाव, सुरक्षा और खुशहाली की मंगलकामना की गई।


