नई दिल्ली। कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ लड़ाई में भी राका बाबा इन पत्तों की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हैं। उनके अनुभव के अनुसार, पपीते के पत्तों में कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं जो ट्यूमर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं। विशेष रूप से यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को जबरदस्त तरीके से बूस्ट करता है।
प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य राका बाबा का कहना है कि प्रकृति ने हमें पपीते के रूप में एक अनमोल औषधीय उपहार दिया है। उनके अनुसार, पपीते के पत्ते केवल एक साधारण वनस्पति नहीं, बल्कि पोषक तत्वों का पावरहाउस हैं। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती बीमारियों के बीच, इन पत्तों का सही और संतुलित उपयोग कई गंभीर रोगों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।
डेंगू और मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों में राका बाबा पपीते के पत्तों के रस को रामबाण मानते हैं।।वे बताते हैं कि जब शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिरने लगती है, तब इन पत्तों का अर्क जादू की तरह काम करता है। यह रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर मरीज को बहुत कम समय में रिकवरी प्रदान करता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए राका बाबा एक विशेष सलाह देते हैं। उनके अनुसार, पपीते के पत्तों में ऐसे सक्रिय यौगिक होते हैं जो शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करते हैं। इसका नियमित और सीमित सेवन ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करता है, जिससे मधुमेह के रोगियों को काफी राहत मिलती है।
पाचन तंत्र की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए पपीते के पत्तों का काढ़ा किसी वरदान से कम नहीं है। बाबा बताते हैं कि इसमें मौजूद ‘पपेन’ और ‘काइमोपपेन जैसे एंजाइम भोजन को पचाने में सहायक होते हैं। यह कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं को दूर कर मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर ऊर्जावान रहता है।
पाचन तंत्र की समस्याओं के लिए पका पपीता भी फायदेमंद होता है। यह पेट साफ रखता है। यह कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं को दूर कर मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर ऊर्जावान रहता है।
कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ लड़ाई में भी राका बाबा इन पत्तों की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हैं। उनके अनुभव के अनुसार, पपीते के पत्तों में कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं जो ट्यूमर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं। विशेष रूप से यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को जबरदस्त तरीके से बूस्ट करता है।
अंत में राका बाबा सावधानी बरतने की सलाह भी देते हैं। वे कहते हैं कि पपीते के पत्तों का सेवन हमेशा ताजे पत्तों से बने जूस या काढ़े के रूप में ही करना चाहिए। हालांकि, इसकी मात्रा व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और उम्र पर निर्भर करती है, इसलिए किसी विशेषज्ञ के परामर्श के बाद ही इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
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