नई दिल्ली। झुलसा देने वाली गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच, शरीर को ठंडा रखना और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। अगर आपको गर्मियों के महीनों में अक्सर पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, एसिडिटी और कब्ज का सामना करना पड़ता है, तो आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान, दोनों ही तोरई एक खास सब्जी को सचमुच ‘वरदान’ मानते हैं।
गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और तेज गर्मी की वजह से शरीर पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इस समय पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज, गैस, अपच और पेट की दूसरी परेशानियां बढ़ जाती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मी में तुरई (Ridge Gourd) खाना बहुत फायदेमंद है। ये एक प्राकृतिक, सस्ती और सेहतमंद सब्जी है, जो शरीर को ठंडक देती है और पाचन को मजबूत बनाती है।
पाचन में सुधार: तुरई में फाइबर काफी मात्रा में होता है, जो पाचन को ठीक रखता है। इसे नियमित खाने से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं दूर होती हैं। पेट हल्का और आरामदायक लगता है और खाना जल्दी पच जाता है। साथ ही तुरई में पानी भी ज्यादा होता है, जिससे शरीर गर्मी में हाइड्रेटेड रहता है। इससे लू लगने का खतरा कम हो जाता है और शरीर को ठंडक महसूस होती है।
पोषक तत्वों से भरपूर: इसमें फाइबर के अलावा विटामिन C, विटामिन A, आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं। ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, कमजोरी दूर करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, तुरई पित्त दोष को कंट्रोल करने में मदद करती है। ये शरीर की गर्मी कम करती है और गर्मियों में पाचन कमजोर होने से बचाती है।
तुरई खाने से सांस की बीमारियां, खांसी, बुखार और पेट के कीड़े जैसी समस्याएं दूर करने में मदद मिलती है। ये शरीर को नैचुरल ठंडक देती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को हेल्दी और चमकदार रखते हैं। ये गर्मी में होने वाले फोड़े, रैशेज और खुजली जैसी परेशानियां कम करता है।
पित्त दोष का नियंत्रण: आयुष मंत्रालय के मुताबिक, तुरई पित्त दोष को कंट्रोल करने में मदद करती है। ये शरीर की गर्मी कम करती है और गर्मियों में पाचन कमजोर होने से बचाती है। तुरई की सब्जी बनाने के कई तरीके हैं। इसे आलू, चना या चने की दाल के साथ बनाया जा सकता है। कुछ लोग इसे साधारण राई के तड़के के साथ या दही के साथ खाना पसंद करते हैं। इसे हर स्वाद और खाने की स्टाइल के हिसाब से तैयार किया जा सकता है।
यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। कोई भी उपाय अपनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। K.W.N.S. इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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