नई दिल्ली। अप्रैल की बढ़ती गर्मी और लू से बचने के लिए शरीर को अंदर से ठंडा रखना अनिवार्य है। इसके लिए 5 हरी पत्तियां—पुदीना, बेल के पत्ते, हरा धनिया, लेमन ग्रास और पान के पत्ते—अत्यंत लाभकारी हैं। पुदीना अपनी ठंडी तासीर से पेट की जलन और एसिडिटी को खत्म करता है, जबकि बेल की पत्तियां पाचन तंत्र को मजबूत कर लू से बचाती हैं। हरा धनिया शरीर को हाइड्रेटेड और डिटॉक्स रखने में मदद करता है। लेमन ग्रास चाय के रूप में ताजगी प्रदान करती है और ब्लोटिंग कम करती है। वहीं, पान के पत्ते पेट की समस्याओं और त्वचा के संक्रमण में राहत देते हैं। इन प्राकृतिक पत्तियों का नियमित सेवन गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और बीमारियों से बचने का सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपाय है।
गर्मियों की शुरुआत के साथ ही अप्रैल में पारा तेजी से चढ़ने लगा है। ऐसे में शरीर को लू और तपिश से बचाने के लिए खान-पान में बदलाव करना बेहद जरूरी है। इस मौसम में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिनकी तासीर ठंडी हो और जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करें। खासकर 5 औषधीय हरी पत्तियां गर्मियों में पेट की जलन और त्वचा की समस्याओं के लिए रामबाण मानी जाती हैं। ये पत्तियां न केवल शरीर को अंदरूनी ठंडक देती हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती हैं।
गर्मी के मौसम में पुदीना सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली पत्तियों में से एक है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करती है। पुदीने की चटनी, छाछ, ड्रिंक्स और सलाद में इसका नियमित सेवन किया जा सकता है। यह पेट की गर्मी, गैस, एसिडिटी और जलन को कम करने में बेहद असरदार है। साथ ही इसे त्वचा पर लगाने से मुंहासे और रैशेज जैसी समस्याओं में भी तुरंत राहत मिलती है।
गर्मियों में बेल का शरबत तो लोकप्रिय है ही, लेकिन इसके पत्तों का सेवन भी शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सुबह खाली पेट 2 से 3 बेल की पत्तियां चबाने से न केवल शरीर को आंतरिक ठंडक मिलती है, बल्कि यह भीषण लू से बचाने में भी सुरक्षा कवच का काम करता है। पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के साथ-साथ बेल की पत्तियों की चाय या रस का सेवन कब्ज और एसिडिटी जैसी पुरानी समस्याओं में भी जादुई राहत प्रदान करता है।
हरा धनिया भी गर्मी के मौसम में बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण इसकी चटनी, चाय या सब्जियों में इसका इस्तेमाल शरीर को अंदरूनी ठंडक देता है। यह न केवल पाचन में सुधार करता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, बल्कि भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाने में भी कारगर है। साथ ही, यह शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स कर त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में सहायक होता है।
लेमन ग्रास की चाय गर्मियों में काफी फायदेमंद होती है। यह शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की गर्मी, मानसिक तनाव और ब्लोटिंग (पेट फूलना) जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं। इसे न केवल चाय, बल्कि डिटॉक्स वॉटर, सूप और सलाद में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
पान हमारी सांस्कृतिक परंपरा का एक अहम हिस्सा होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो विशेष रूप से भीषण गर्मी में पेट की समस्याओं जैसे गैस, अपच और एसिडिटी से तुरंत राहत प्रदान करती है। गर्मी के दिनों में पान का शेक न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने और अंदरूनी ठंडक पहुँचाने में भी मदद करता है। इसके अलावा, पान के पत्तों का पेस्ट त्वचा की जलन और सामान्य संक्रमण (इन्फेक्शन) को दूर करने में भी बेहद लाभकारी साबित होता है।
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