खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। बस्तर जिले में पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर गुरूवार को “नो पेट्रोल” और “डीजल उपलब्ध नहीं” के बोर्ड लगने से लोग परेशान होकर एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आए। वहीं जिस एकाध पेट्रोल पंप में पेट्रोल उपलब्ध हाेने से वहां लंबी कतार लगी रही। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि ईंधन की कमी नहीं है, बल्कि सप्लाई बाधित होने के कारण यह स्थिति बनी है। समय पर टैंकर नहीं पहुंच पाने से पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। संचालकों ने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
आमागुड़ा चौक स्थित पेट्रोल पंप पर “नो पेट्रोल” का बोर्ड लगा होने के कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक बिना ईंधन लिए वापस ‘लौटते दिखाई दिए। वहीं दलपत सागर किनारे स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल उपलब्ध होने के कारण वहां दुपहिया वाहनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। पुलिस लाइन स्थित पेट्रोल पंप में शाम के समय पेट्रोल पहुंचने के बाद कुछ राहत मिली, दूसरी ओर नेशनल हाईवे आमागुड़ा चौक नेशनल हाईवे पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलने पर मायूस लौटते दिखे। रिलायंस पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए चार पहिया वाहनों की कतार हाईवे तक पहुंच गई थी। शहर के अन्य पेट्रोल पंपों में यही हालात दिखाई दिए। ईंधन संकट का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर पड़ रहा है। गांवों से शहर पहुंचे लोग घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। आम जनता ने प्रशासन और सरकार से जल्द स्थिति सामान्य करने की मांग की है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे।
Trending
- नैनो यूरिया से आसान हुई खेती, किसान गुलाबचंद राठौर को मिल रहे बेहतर परिणाम
- आजादी के 78 साल बाद अबुझमाड़ के मयूरीपारा तक पहुंची विकास की राह
- नई पीढ़ी को संस्कृति, कला और लोक परंपराओं की जानकारी देना समय की आवश्यकता है – बृजमोहन अग्रवाल
- तकनीक, प्रशिक्षण और सख्त निगरानी से सड़क हादसों पर लगाम की तैयारी
- बिहान योजना के तहत मुंगेली में 15 दिवसीय विशेष अभियान शुरू, एनपीए कम करने और बैंक क्रेडिट लिंकेज लक्ष्य पूर्ति पर जोर
- कैरियर गाइडेंस कार्यशाला एवं प्रतिभा सम्मान समारोह 2026
- नैनो उर्वरकों ने बढ़ाया किसानों का भरोसा, कम लागत में मिला बेहतर उत्पादन
- संरक्षित खेती से आर्थिक रूप से सशक्त बने जशपुर के किसान अनारथ साय


