खबर वर्ल्ड न्यूज़ – व्यास पाठक, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को सक्ती जिले के सिंधी तराई स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। इस हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए जांच, एफआईआर और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कई सवाल उठाए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में कहा कि एफआईआर में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज होने के बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मामले में 18 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सरकार की ओर से उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि मामले की विवेचना जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि मंत्री के जवाब से कांग्रेस विधायक संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया। वेदांता हादसे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण विधानसभा का माहौल काफी देर तक गरमाया रहा।


