खबर वर्ल्ड न्यूज-गरियाबंद। 9 महीने पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुई एक नाबालिग किशोरी के अचानक सकुशल लौट आने से पूरे गांव और पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई है। यह वही चर्चित मामला है, जिसमें हत्या की आशंका के चलते पुलिस ने कब्र तक खुदवा डाली थी और परिवार ने मृत मानकर ‘मरिया भोज’ तक करवा दिया था।
❖ घटना का पूरा विवरण:
अगस्त 2024 में गरियाबंद जिले के ग्राम चलना पदर में अपनी बुआ के घर रह रही 17 वर्षीय किशोरी अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने तत्काल देवभोग थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने IPC की धारा 363 (अपहरण) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
❖ जांच की दिशा और हत्या की आशंका:
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कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालने पर पुलिस को गांव के ही 40 वर्षीय एक पड़ोसी से लगातार बातचीत के साक्ष्य मिले।
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आरोपी युवक को 31 जनवरी 2025 को हिरासत में लिया गया, लेकिन पूछताछ में वह बार-बार बयान बदलता रहा।
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पुलिस को हत्या की आशंका हुई और 1 फरवरी को गांव के श्मशान घाट में एक कब्र की खुदाई की गई।
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कार्यपालिक दंडाधिकारी और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई कर एक कंकाल बरामद किया गया, जो जांच में लगभग 10 साल पुराना निकला।
❖ मरिया भोज तक करवा चुके थे परिजन:
किशोरी के कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने मार्च 2025 में सामाजिक परंपरा अनुसार उसका ‘मरिया भोज’ (श्राद्ध भोज) आयोजित कर दिया था, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।
❖ वापसी ने सबको चौंकाया:
13 मई 2025 की रात किशोरी अचानक पुरनापानी स्थित कुरलापारा में अपने माता-पिता के पास लौट आई। परिजनों ने तुरंत देवभोग पुलिस को सूचित किया।
थाना प्रभारी फैजुल होदा शाह ने बताया कि युवती अब 18 वर्ष की हो चुकी है और उसने बताया कि वह बालोद जिले में अपने एक रिश्तेदार के घर रह रही थी। फिलहाल पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
❖ पुलिसिया जांच पर उठे सवाल:
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कब्र खोदने और 10 साल पुराने कंकाल को लेकर जांच की गुणवत्ता और दिशा पर सवाल उठे हैं।
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स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि “बिना पुख्ता प्रमाण के हत्या की आशंका जताना और श्मशान की खुदाई पुलिस की जल्दबाजी को दर्शाता है।”

