साल 2025 का आगाज हो गया है। इस साल जनवरी का पहला व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ये भगवान गणेश को समर्पित है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को सभी प्रकार के विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना जाता है। उनकी पूजा करने से सुख-समृद्धि और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। आइए जानते हैं इस साल का पहला व्रत कौन सा है।
विनायक चतुर्थी 2025 डेट
नए साल का पहला व्रत पौष माह की विनायक चतुर्थी 3 जनवरी 2025 को है। यह व्रत उन लोगों के लिए विशेष रूप से फलदायी होता है, जो कार्यक्षेत्र में सफल और काम-काज में आने वाली बाधाओं दूर करना चाहते हैं।
पौष विनायक चतुर्थी 2025 मुहूर्त
पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 3 जनवरी शुक्रवार को 01:08 ए एम शुरू होगी। इस तिथि का समापन 3 जनवरी को ही रात 11 बजकर 39 मिनट पर होगा।
गणेश पूजा का समय – सुबह 11.24 – दोपहर 1.28
इस दिन चंद्रमा के दर्शन करना वर्जित है। इस दिन चंद्रोदय सुबह 09.54 पर होगा।
विनायक चतुर्थी पर इस विधि से करें पूजा
विनायक चतुर्थी पर सुबह सबसे पहले स्नान करके सूर्यदेव को जल देना चाहिए।
इसके बाद घर साफ करके पंचोपचार कर पूरे विधि विधान से भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए।
भगवान गणेश को पीले वस्त्र, दूर्वा, हल्दी मोदक आदि चढ़ाना चाहिए।
भगवान गणेश की आरती देशी घी का दिया जलाकर करनी चाहिए।
मंत्रों का जप करना चाहिए। साथ ही गणेश चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।
जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहे। ऐसी प्रार्थना भगवान गणेश से करनी चाहिए।
अंतिम में भगवान गणेश को भोग लगाना चाहिए। फिर प्रसाद का वितरण करना चाहिए। इस दिन अन्न, धन, वस्त्र का दान करें।
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि K.W.N.S. किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
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