सनातन धर्म में शुभ और मांगलिक कार्यों को करने से पहले भगवान शिव के पुत्र गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है। हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। इसके अलावा सभी बाधाओं को दूर करने के लिए व्रत रखा जाता है। अब जून का महीना शुरू होने वाला है, तो आइए जानते हैं कि इस महीने में चतुर्थी कब-कब पड़ रही है।
विनायक चतुर्थी 2024
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 जून को दोपहर 3.44 बजे शुरू होगी और अगले दिन 10 जून को शाम 4.14 बजे समाप्त होगी। ऐसे में विनायक चतुर्थी का व्रत 10 जून को रखा जाएगा।
कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी 2024
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 25 जून को रात 1.23 बजे शुरू होगी और 25 जून को सुबह 11.10 बजे समाप्त होगी। ऐसे में कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी 25 जून को मनाई जाएगी।
चतुर्थी व्रत महत्व
चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और सफलता के द्वार खुलते हैं। इस दिन हमें भगवान को विशेष चीजों का भोग लगाना चाहिए। इससे बप्पा प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।
पूजा के दौरान इन मंत्रों का करें जाप
गणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥
ॐ महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥
ॐ गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥
शुभ लाभ गणेश मंत्र
ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः।।
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