खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। बस्तर लोकसभा से मौजूदा सांसद दीपक बैज का टिकट काटकर कांग्रेस ने पूर्व मंत्री व विधायक कोंटा कवासी लखमा को बस्तर लोकसभा सीट से उतार दिया है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों के लिए शनिवार 23 मार्च की देर रात को जारी लिस्ट में छत्तीसगढ़ की सिर्फ बस्तर लोकसभा एसटी रिजर्व श्रेणी सीट पर उम्मीदवार का एलान किया है। इस सीट से मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सांसद है। वहीं बस्तर संभाग की एक और कांकेर लोकसभा एसटी रिजर्व श्रेणी सीट पर उम्मीदवार का एलान कांग्रेस ने नही किया है, इस सीट से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बस्तर सांसद दीपक बैज को उतारे जाने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है। विदित हो कि बस्तर सांसद दीपक बैज पिछले विधान सभा चुनाव में अपने गृहग्राम चित्रकोट सीट से हारने के बाद से ही कांकेर लोकसभा सीट की मांग कर रहे हैं, जिसकी घोषणा का अब तक नही होना इसी ओर इशारा कर रहा है कि कांकेर लोकसभा से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बस्तर सांसद दीपक बैज को यहां से उतारा जायेगा। कांकेर लोकसभा सीट में दूसरे चरण में 26 अप्रेल को मतदान होना है, यहां से भाजपा ने पहले ही पूर्व विधायक भोजराज नाग को अपना प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस संभवत: होली के बाद कांकेर लोकसभा सीट का एलान कर देगी।
कवासी लखमा के लगातार दिल्ली के दौरे से संभावना जताई जा रही थी कि वो अपने पुत्र हरीश कवासी के लिए बस्तर लोकसभा सीट से टिकट मांग रहे हैं। लेकिन शनिवार को जारी लिस्ट में उन्हें उम्मीदवार बनाया गया। टिकट के ऐलान के बाद कवासी लखमा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, कि मुझे बस्तर लोकसभा से प्रत्याशी बनाए जाने पर मैं हमारी प्रेरणा स्रोत सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, देश की शान हमारे नेता राहुल गांधी और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट का सहृदय आभार व्यक्त करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि बस्तर की माननीय जनता केंद्र सरकार की अन्याय पूर्वक नीति के विरुद्ध न्याय को चुनकर बस्तर में कांग्रेस को भारी मतों से विजयी बनाएगी।
कवासी लखमा कोंटा विधानसभा से लगातार छठी बार विधायक बने हैं, वर्ष 2011 में हुए बस्तर लोकसभा उपचुनाव में कवासी लखमा को प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन उन्हें भाजपा के प्रत्याशी दिनेश कश्यप से 88 हजार मतों के अंतर से हार मिली थी। अब कवासी लखमा दूसरी बार बस्तर लोकसभा एसटी रिजर्व श्रेणी सीट से चुनाव लडऩे के लिए मैदान में उतर रहे है। कवासी लखमा का बस्तर लोकसभा से चुनाव लडऩे का अनुभव कुछ अच्छा नही रहा है। वहीं विधानसभा कोंटा से वे लगातार अजेय रहे हैं। कवासी लखमा कांग्रेस के काफी कद्दावर नेता भी माने जाते हैं, 25 मई 2013 को हुए देश के सबसे बड़े नक्सली हमलो में से एक झीरम घाटी हमले में कांग्रेस की पूरी एक पीढ़ी नक्सलियों ने समाप्त कर दी थी, इनमें से इकलौते नेता कवासी लखमा हैं जो अपनी जान बचाकर सुरक्षित इतनी बड़ी घटना से बाहर निकलकर आए थे।
उल्लेखनिय है कि सुकमा जिले के गादीरास में रहने वाले कवासी लखमा ने 1998 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को हराकर भारी मतों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में कोंटा विधानसभा में 04 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे, कांग्रेस से कवासी लखमा ने सीपीआई के प्रत्याशी मनीष कुंजाम को 17 हजार के मतों के अंतर से चुनाव हराया और तीसरे नंबर पर भाजपा के प्रत्याशी बुधराम सोढ़ी रहे। वर्ष 2008 के चुनाव में कवासी लखमा ने भाजपा के प्रत्याशी पदम नंदा को मात्र 192 वोट के अंतर से चुनाव हराया था। इसके अलावा 2013 के चुनाव में 05 प्रत्याशी मैदान में थे, और इस चुनाव में भी कवासी लखमा ने भाजपा के प्रत्याशी धनीराम बारसे को 5 हजार 786 मतों के अंतर से हराया था। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस ने कवासी लखमा को ही टिकट दिया और इस चुनाव में भी कवासी लखमा ने भाजपा के प्रत्याशी धनीराम बारसे को 06 हजार 709 मतों के अंतर से हराया था। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी सोयम मुक्का को 1981 मतों के अंतर से चुनाव हराया और पिछले 06 विधानसभा चुनाव में लगातार कवासी लखमा ही इस सीट से जीत दर्ज करते आ रहे हैं।

