खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। भाजपा जिला कार्यालय में आहुत पत्रवार्ता में बस्तर लोकसभा संयोजक व वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी ने कहा कि कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर एफआईआर दर्ज होने पर उनके द्वारा की जा रही सार्वजनिक बयानबाजी वास्तव में चोरी ऊपर से सीना जोरी जैसा ही है। भूपेश बघेल को जो भी कहना है, उन्हें संबंधित एजेंसी या न्यायालय में कहना चाहिये। इस तरह की अनाप-शनाप राजनीतिक बयानबाजी से न उन्हें और न कांग्रेस को मौजूदा चुनाव में कोई लाभ नहीं होगा। उन्होने कहा कि किसी भी संदेही पर जांच एजेंसियों की कार्यवाही नियमित प्रकिया है। कानून किसी के कद या पद के आधार पर भेदभाव नही करता, न ही इसका कोई अर्थ है। जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, जो गुणदोष के आधार पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
मद्दी ने कहा कि जहां तक महादेव ऐप का विषय है, तो इस पर कांग्रेस के समय से ही जांच प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी। अब जब कार्यवाई आगे बढ़ रही है तो कांग्रेस के पेट में दर्द होना साबित करता है कि सारी की सारी दाल ही काली है। छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को लूट कर इसका हिस्सा कहा तक पहुंचता है, यह अभियुक्तों के वीडियो से भी सामने आ चुका है। समाचारों के माध्यम से भी इससे पहले काफी कुछ आ चुका है। ईडी की जांच में भी स्पष्ट तथ्य उजागर हो चुके हैं। आज भी गूगल पर 508 करोड़ टाइप करें तो भूपेश बघेल के कारनामे सामने आयेंगे।
श्रीनिवास राव मद्दी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रदेश के युवाओं से की गयी ठगी व लूट बर्दाश्त के काबिल नहीं है। यह उस भरोसे की हत्या है, जो गलती से जनता ने 2018 में कांग्रेस पर किया था। तब की कांग्रेस सरकार में शक्तिशाली रहे नेताओं व अफसरों पर अन्य मामलों में भी लगाये गये आरोप इतने अधिक मजबूत है कि सुप्रीम कोर्ट तक इन्हें जमानत नही दे रहा है, महीनों से सभी जेल में बंद हैं। बार-बार जमानत मांगने पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट ने तो कोयला घोटाले की अभियुक्त पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगा दिया था। इसके उलट राजनीतिक द्वेषवश मुकदमे आदि दर्ज करना भूपेश बघेल का कृत्य रहा है। सरकार में आते ही उन्होंने फर्जी मुकदमों की बौछार कर दी थी, दर्जनों एसआईटी गठन कर दिया था। बिजली कटौती का पोस्ट फेसबुक पर लिखने तक के लिये राजद्रोह का मुकदमा किया जाता रहा। लेकिन इनके कोई भी मुकदमे तब कोर्ट में नहीं टिके, लगभग सारे एसआईटी को कोर्ट ने गलत माना। तब हाईकोर्ट ने यह तक टिप्पणी की थी कि मुकदमे राजनीतिक द्वेषवश दर्ज किये गये हैं, हमेशा से यह कांग्रेस का चरित्र रहा है।
मद्दी ने कहा कि भाजपा की प्रदेश सरकार मोदी की गारंटी को पूरा करने में व्यस्त है। उसे कांग्रेस जैसा षड्यंत्र रहने की न तो फुर्सत है और न ही ऐसी कोई मंशा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पतन के साथ ही सुशासन लौट आया है, कानून भी अपना काम कर रहा है। भगवान के नाम लेकर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी रचने वालों पर महादेव का प्रकोप बरसना तय है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक बैदूराम कश्यप, जिला मंत्री नरसिंह राव, राजेन्द्र बाजपेयी, मनोहर तिवारी, आलोक अवस्थी मौजूद रहे।
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