खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-दंतेवाड़ा। जिले की विश्व प्रसिद्ध फागुन मड़ई आज से बस्तर की आराध्य देवी माता दंतेश्वरी के मंदिर में कलश स्थापना के साथ शुरू हो गया है। फागुन मड़ई में बस्तर सहित ओडिशा, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश से लगभग 800 से अधिक देवी-देवता शामिल होंगे। आज फागुन मड़ई का आगाज 16 मार्च को कलश स्थापना के साथ शुरू होकर 28 मार्च को देवी-देवताओं की विदाई के बाद आगामी वर्ष के लिए परायण होगा।
मंदिर के प्रधान पुजारी हरेंद्र नाथ जिया ने बताया कि त्रिशूल स्थापना रस्म 12 लंकवार (गायता, सेठिया, पेरमा, समरथ, कतियार, चालकी, भोगिहार, पडिहार, माधुरी, तुडपा, बोडका, लाठुरा) की मौजूदगी में किया जाता है। त्रिशूल खंभ स्थापित करने से पहले स्थल की पूजा-अर्चना की गई थी। हरेंद्र नाथ जिया ने बताया कि त्रिशूल को देवी सती का प्रतीक माना गया है। हर साल इस त्रिशूल को बसंत पंचमी से फागुन मेले तक लगभग 250 वर्ष पुराने अष्टधातुओं से निर्मित ऐतिहासिक त्रिशूल को मंदिर के सामने गरुड़ स्तंभ के पास स्थापित कर रखा जाता है, इसके बाद इसे उतारकर मंदिर में सुरक्षित रख दिया जाता है।
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