वास्तु शास्त्र में कछुए का विशेष महत्व बताया गया है। यह मान्यता है कि ‘कछुआ’ लम्बी आयु का प्रतीक है। इसके अलावा हिंदू धर्म में भी यह मान्यता है कि कछुआ भगवान विष्णु का कश्यप अवतार है। ऐसे में यदि एक यंत्र के रूप में कछुए को घर में स्थापित किया जाता है तो इससे घर के सदस्य निरोगी रहते हैं तो उन्हें लंबी आयु की प्राप्ति होती है। वास्तु एक्सपर्ट चैतन्य मलतारे में इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।
इच्छापूर्ति करता है कछुए का यंत्र
वास्तु एक्सपर्ट चैतन्य मलतारे के मुताबिक, यदि आपकी कोई मनोकामना है तो एक कोरे कागज पर लाल पेन से अपनी इच्छा लिख कर धातु से बने कछुए अंदर रख दें। इसके बाद इसे घर की उत्तर दिशा में रखने से 40 से 60 दिन के भीतर ही मनोकामना पूरी हो जाती है।
मिलेगी असाधारण कामयाबी
वास्तु के साथ-साथ फेंगशुई में भी यह मान्यता है कि धातु से निर्मित कछुए को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह बीमारियों से रक्षा करता है और व्यापार के साथ नौकरी में भी लाभ दिलाता है। व्यापार के क्षेत्र में असाधारण कामयाबी हासिल होती है।
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