खबर वर्ल्ड न्यूज-अजय शर्मा-जांजगीर-चांपा। विपक्षियों द्वारा खुलेआम ये बताया जाता था कि… “जय श्री राम” का नारा लगाकर समाज में मॉब लिंचिंग हो रही है इसीलिए इस नारे को बैन कर देना चाहिए।ले किन, आज ये बताने की आवश्यकता नहीं है कि पूरी दुनिया राममय हो चुकी है और दुनिया के कोने-कोने में “जय श्री राम” का जयकारा लगाया जा रहा है.अगर आप भी इसे एक सुखद बदलाव या फिर कहें कि दुश्मनों के उस कुत्सित प्रयास को विफल कर अपने सनातन धर्म का ध्वजा फहराना मानते हैं…तो, फिर… इस सुखद बदलाव का श्रेय किसे जाता है वो किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है।
उसी तरह… देश में भगवा लहराना साम्प्रदायिकता के सिंबल से बदल कर कब राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ गया वो एहसास तक नहीं हुआ.लेकिन, आज ये सच्चाई है कि… चाहे वो रामनवमी हो या फिर श्री रामलला की प्राणप्रतिष्ठा का शुभ अवसर देश की गली और हर शहर हमारे भगवा झंडे से पट जा रहा है। और, ये सब कुछ कोई राजनीतिक पार्टी या संगठन नहीं बल्कि भारत का आम जनमानस कर रहा है।
संदेश बिल्कुल साफ है कि अब भारत का सुसुप्त सनातनी हिन्दू समाज अब जागकर अंगड़ाई ले रहा है। एवं, अपने स्वाभिमान को पहचान रहा है. और, मेरा ये स्पष्ट मानना है कि अपने देश में आये इसचमत्कारिक बदलाव का एक बहुत बड़ा योगदान यहाँ की वर्तमान सरकार एवं उसके मुखिया को जाता है।
ये उसके अथक प्रयासों एवं दीर्घकालीन प्लानिंग का ही नतीजा है कि जहाँ 2014 से भारत की पहचान ताजमहल, लालकिले, मोइद्दीन चिश्ती के दरगाहों आदि से हुआ करती थी। अब वो पहचान धीरे धीरे… श्री राम मंदिर, काशी कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर आदि बनते जा रहे हैं।इसीलिए, आप किसी व्यक्ति/सरकार से सहमत या असहमत तो हो सकते हैं लेकिन अपने हिन्दू सनातन धर्म के प्रति किये जा रहे इस उत्थान के योगदान को नकार नहीं सकते.साथ ही अगर कोई सनातनी हिन्दू होते भी अगर कोई ऐसे व्यक्ति/सरकार पर उंगली उठाता है तो फिर उसकी नीयत पर संदेह होना स्वाभाविक है।

