Khabarworld24.com -राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में खेल जगत के 32 सितारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड 2024 से चार प्रमुख खिलाड़ियों को नवाजा गया। ये खिलाड़ी हैं निशानेबाज मनु भाकर, चेस चैंपियन डी गुकेश, भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, और पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार। इन खिलाड़ियों ने अपने-अपने क्षेत्र में अपूर्व योगदान दिया है, जिससे भारतीय खेलों में उनका स्थान अद्वितीय बन गया है।
ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार प्राप्तकर्ता:
- डी गुकेश (शतरंज) – चेस के युवा सितारे गुकेश ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से शतरंज में भारत को गर्व महसूस कराया। पिछले महीने उन्होंने चीन के डिंग लिरेन को हराकर सबसे कम उम्र के शतरंज विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाया।
- हरमनप्रीत सिंह (हॉकी) – हरमनप्रीत सिंह ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम की कप्तानी करते हुए टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक दिलाया। उनका नेतृत्व और प्रदर्शन भारतीय हॉकी के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है।
- प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स) – प्रवीण कुमार ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में पुरुषों की हाई जंप-164 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा। उनकी इस जीत ने पैरा खेलों में भारत को गौरवांवित किया।
- मनु भाकर (शूटिंग) – मनु भाकर ने पिछले साल पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल वूमेन्स और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। उनकी मेहनत और सफलता ने उन्हें भारतीय शूटिंग का चमकता सितारा बना दिया है।
पुरस्कारों का विवरण:
ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को एक पदक, प्रशस्ति पत्र, और 25 लाख रुपए नकद पुरस्कार के रूप में मिलते हैं। वहीं, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों को 15 लाख रुपए नकद, अर्जुन की मूर्ति, और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं। इस बार अर्जुन पुरस्कार में कुल 32 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिनमें भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर भी शामिल हैं।
क्रिकेट को नहीं मिला कोई पुरस्कार:
इस बार के पुरस्कार समारोह में एक चौंकाने वाली बात यह रही कि क्रिकेट से जुड़ा कोई भी खिलाड़ी या कोच पुरस्कार पाने में सफल नहीं हो सका। न तो खेल रत्न पुरस्कार में क्रिकेट के किसी खिलाड़ी को जगह मिली, और न ही कोच की श्रेणी में क्रिकेट से जुड़े किसी व्यक्ति का नाम था। यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक अप्रत्याशित मोड़ था, क्योंकि पिछले वर्षों में क्रिकेट को हमेशा विशेष स्थान मिलता आया है।
मनु भाकर का शानदार प्रदर्शन:
मनु भाकर ने पिछले साल पेरिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल वूमेन्स और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। उनका यह प्रदर्शन भारतीय शूटिंग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ।
डी गुकेश का चमत्कारी प्रदर्शन:
डी गुकेश ने शतरंज में सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड स्थापित किया, जब उन्होंने चीन के डिंग लिरेन को हराया। उनका यह कीर्तिमान भारत के शतरंज के क्षेत्र में एक नई उम्मीद की किरण बन गया है।
हरमनप्रीत सिंह और प्रवीण कुमार की शानदार उपलब्धियाँ:
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीते, जबकि प्रवीण कुमार ने पेरिस पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीते और एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा। इन दोनों के योगदान से भारतीय खेलों में गर्व की लहर दौड़ी है।
समापन:
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में इन खिलाड़ियों के अद्वितीय योगदान को मान्यता दी गई और उन्हें उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार न केवल खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण को दर्शाता है, बल्कि भारतीय खेलों में एक नई दिशा और ऊर्जा का संचार भी करता है।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

