Khabarworld24.com -केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि खराब सड़क निर्माण को गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने सख्त कदम उठाने का आह्वान किया, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के लिए सीधे तौर पर ठेकेदारों और इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराने और उन्हें कानूनी सजा देने की बात कही गई है।
गडकरी ने भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बहुत अधिक है, और इसमें सुधार लाने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है। दोषपूर्ण सड़क निर्माण के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में शामिल ठेकेदारों, रियायतियों और इंजीनियरों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्हें जेल भेजने की आवश्यकता है ताकि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार हो सके।” उन्होंने जोर देकर कहा कि दुर्घटनाओं के मामले में दोषियों पर कठोर दंड लागू किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
2023 में 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं, 1.72 लाख लोगों की मौतें
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में देश भर में करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,72,000 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े भारत को सड़क दुर्घटनाओं के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर रखते हैं, जो एक गंभीर स्थिति का संकेत देते हैं। गडकरी ने बताया कि मंत्रालय का लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को आधा करने का है।
दुर्घटनाओं के लिए सख्त जिम्मेदारी तय की जाएगी
मंत्री ने यह भी कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क निर्माण से जुड़े सभी पक्षों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। चाहे वह ठेकेदार हो, रियायतकर्ता हो या फिर इंजीनियर—सभी को सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि कई बार सड़क निर्माण में लापरवाही बरती जाती है, जिससे हादसों की संख्या बढ़ती है।
सड़क सुरक्षा के लिए नए सुधार
गडकरी ने बताया कि सरकार सड़क सुरक्षा में सुधार लाने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है, जिनमें उच्च गुणवत्ता की सड़कें, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, और सड़क सुरक्षा अभियानों पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाहनों की बेहतर जांच और यातायात नियमों के कड़े अनुपालन की भी बात की गई है।
निष्कर्ष
सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या और उनमें होने वाली मौतों के चलते नितिन गडकरी की यह मांग कि खराब सड़क निर्माण को गैर-जमानती अपराध बनाया जाए, एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान बढ़ेगा और ठेकेदारों, इंजीनियरों को जिम्मेदारी का अहसास होगा। सरकार का उद्देश्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों की संख्या को आधा करना है, जो इन कदमों के साथ संभव हो सकता है।
2023 में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- कुल सड़क दुर्घटनाएं: 5 लाख
- कुल मौतें: 1,72,000
- सरकार का लक्ष्य: 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को आधा करना
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

