Khabarworld24.com -नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारने, कृषि क्षेत्र में सुधार और ऊर्जा बदलाव के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, बजट में महिलाओं के लिए नकद हस्तांतरण की केंद्रीय योजना लागू करने पर विचार हो सकता है, साथ ही सरकार खपत को बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए करों में कटौती का भी प्रस्ताव कर सकती है।
महिलाओं के लिए नकद हस्तांतरण: एक सकारात्मक कदम
एनआईपीएफपी में प्रोफेसर और म्यूनिख स्थित इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेस की संचालन प्रबंधन मंडल की सदस्य, लेखा चक्रवर्ती ने कहा कि “महिलाओं के हाथों में नकद हस्तांतरण एक अच्छा कदम हो सकता है, लेकिन यह केवल अल्पकालिक उपाय है।” उनके अनुसार, महिलाओं के लिए रोजगार और कर्ज वितरण की योजनाएं दी जानी चाहिए, जो उन्हें दीर्घकालिक आर्थिक लाभ दे सकें।
इस योजना से महिलाओं के हाथ में नकद राशि देने का उद्देश्य उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, लेकिन चक्रवर्ती ने यह भी बताया कि यह कदम केवल अस्थायी समाधान हो सकता है, और इसके साथ ही महिलाओं के लिए रोजगार सृजन और ऋण वितरण की योजनाओं की जरूरत है।
कृषि क्षेत्र में सुधार: मशीनीकरण और लक्षित नकद हस्तांतरण
अर्थशास्त्री वतुर्वेदी का कहना है कि सरकार कृषि से जुड़ी विनिर्मित वस्तुओं की खरीद पर ध्यान दे सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि 6,000 रुपये नकद देने के बजाय, यह राशि बढ़ाकर किसानों को छोटे कृषि उपकरण खरीदने के लिए दी जा सकती है। इससे कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर तकनीकी संसाधनों का लाभ मिलेगा।
इस पर भानुगर्ति ने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना एक सार्वभौमिक योजना है, जिससे बड़े किसानों को भी लाभ मिल रहा है। इसलिए, इस योजना पर अध्ययन कराए जाने की आवश्यकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह योजना केवल उन किसानों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है।
जलवायु परिवर्तन और कृषि क्षेत्र: एक नई नीति की आवश्यकता
लेखा चक्रवर्ती ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए कृषि क्षेत्र में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सकल पूंजी निर्माण को बढ़ाने की आवश्यकता है और केवल नकद हस्तांतरण से कृषि समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सहायक हों।
ऊर्जा बदलाव और जलवायु परिवर्तन पर ध्यान
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ऊर्जा बदलाव और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों जैसे कृषि और तटीय गतिविधियों के लिए नई सब्सिडी व्यवस्था की आवश्यकता है। इससे उन क्षेत्रों को विशेष मदद मिल सकती है, जो जलवायु परिवर्तन के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
करों में कटौती: आर्थिक गति को बढ़ावा
इसके अलावा, बजट में सरकार को खपत बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए करों में कटौती पर विचार करने की संभावना है। चाहे वह प्रत्यक्ष कर हो या अप्रत्यक्ष कर, इस कदम से आम आदमी को राहत मिल सकती है और व्यापारिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
बजट पेश करने की तारीख
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को बजट पेश करेंगी, जिसमें इन महत्वपूर्ण योजनाओं और सुधारों की घोषणा की जा सकती है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, आगामी बजट में महिलाओं, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा सकती है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सके।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार के आगामी बजट में महिलाओं, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। इन बदलावों से देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उम्मीद है कि सरकार इन क्षेत्रों में विशेष योजनाओं को लागू करके ना सिर्फ आर्थिक वृद्धि को तेज करेगी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को भी सशक्त बनाएगी।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

