Khabarworld24.com -14 जनवरी, मंगलवार को देशभर में मकर संक्रांति का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। यह त्योहार खासतौर पर उत्तर भारत और दक्षिण भारत में महत्वपूर्ण है और विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर पोंगल और लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया, जबकि प्रयागराज में साधु संतों ने गंगा में अमृत स्नान किया। अहमदाबाद में काइट फेस्टिवल का आयोजन हुआ, और कई अन्य स्थानों पर विशेष उत्सव हुए।
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनाया पोंगल और लोहड़ी:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल और लोहड़ी के अवसर पर ट्वीट कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “पोंगल और लोहड़ी का पर्व किसानों के लिए खुशहाली, समृद्धि और आभार का प्रतीक है।” उन्होंने पोंगल के मौके पर किसानों को विशेष रूप से शुभकामनाएं दी और लोहड़ी के दिन आग जलाकर और तिल-रेवड़ी का प्रसाद वितरित किया। पीएम मोदी ने दोनों ही त्योहारों को भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता का प्रतीक बताया।
2. प्रयागराज में अमृत स्नान:
मकर संक्रांति के मौके पर प्रयागराज में संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया। यह अवसर खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए था जिन्होंने आस्था के साथ गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। इस मौके पर साधु संतों ने भी विशेष पूजा अर्चना की और भक्तों को आशीर्वाद दिया। यूपी सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया था।
आकड़े:
- प्रयागराज में लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया।
- मकर संक्रांति के दिन सुरक्षा के लिहाज से 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
3. अहमदाबाद में काइट फेस्टिवल:
गुजरात के अहमदाबाद में मकर संक्रांति के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव (काइट फेस्टिवल) का आयोजन हुआ। इस उत्सव में देश-विदेश से आए पर्यटकों ने पतंगबाजी का आनंद लिया। अहमदाबाद के केमण और सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम में रंग-बिरंगी पतंगों की भीड़ ने आकाश को सजा दिया। इस अवसर पर देशभर के काइटिंग एक्सपर्ट्स ने अपनी कला का प्रदर्शन किया और राज्य सरकार ने इसे पर्यटन के रूप में बढ़ावा देने की योजना बनाई है।
आकड़े:
- इस साल काइट फेस्टिवल में 50,000 से अधिक लोग शामिल हुए।
- राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये का बजट इस आयोजन के लिए आवंटित किया।
4. राजस्थान और पंजाब में लोहड़ी का पर्व:
पंजाब और राजस्थान में मकर संक्रांति के साथ लोहड़ी का पर्व भी मनाया जाता है। इस दिन लोग आग जलाकर उसे पारंपरिक गीतों और नृत्य के साथ मनाते हैं। खासतौर पर पंजाब में यह त्योहार फसल की कटाई और सर्दियों के खत्म होने का प्रतीक है। लोहड़ी में तिल, रेवड़ी, मूंगफली का प्रसाद वितरित किया जाता है और लोग एक-दूसरे से शुभकामनाएं साझा करते हैं।
आकड़े:
- पंजाब में 35 लाख से अधिक लोग लोहड़ी के त्योहार में भाग लेते हैं।
- राजस्थान में भी इस दिन तिल और रेवड़ी की बिक्री में 20% की वृद्धि देखी गई।
5. दक्षिण भारत में पोंगल का पर्व:
दक्षिण भारत के तमिलनाडु, कर्नाटका, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पोंगल एक बड़े पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से किसान समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह फसल कटाई के बाद आने वाली खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है। पोंगल के दिन घरों में नए अनाज से पकवान बनाए जाते हैं और सूर्य देवता को पूजा जाती है।
आकड़े:
- तमिलनाडु में पोंगल के दौरान 15 लाख से अधिक पर्यटकों ने भाग लिया।
- कृषि उत्पादन में पोंगल के बाद 25% तक वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।
निष्कर्ष:
मकर संक्रांति के उत्सव ने देशभर में अपने विविध रूपों में देशवासियों को एकजुट किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह पर्व विशेष रूप से किसानों और उनकी मेहनत के सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा। साथ ही, हर क्षेत्र ने अपनी स्थानीय परंपराओं के अनुसार इसे धूमधाम से मनाया, चाहे वह प्रयागराज का अमृत स्नान हो, अहमदाबाद का काइट फेस्टिवल, या पंजाब का लोहड़ी पर्व। इस मौके पर भारी संख्या में लोगों ने अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को मनाया।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

