खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जब भी सरकार के प्रमुखों से मिलते हैं तो इसका मतलब कोई डील होना नहीं होता। इस तरह की मुलाकातें अक्सर प्रशासनिक मामलों से जुड़ी होती हैं। न्यायपालिका पूरी तरह अपनी स्वतंत्रता के साथ काम करती है। सीजेआई ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि मुख्य न्यायाधीशों की राज्य या केंद्र सरकार के प्रमुखों से होने वाली मुलाकातों के दौरान कभी विचाराधीन मुकदमों पर कोई बात नहीं होती। कुछ काम ऐसे होते हैं जो न्यायपालिका और सरकार दोनों से जुड़े होते हैं। ये प्रशासनिक मामले होते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि ऐसी मुलाकातें जरूरी होती हैं क्योंकि सरकारें न्यायपालिका के बजट जारी करती हैं। सीजेआई ने कहा, ये बजट न्यायाधीशों के लिए नहीं होता। अगर हम नहीं मिलेंगे और सिर्फ पत्राचार पर निर्भर रहेंगे तो कैसे चलेगा। राजनीतिक व्यवस्था में इन सब मामलों में पूरी परिपक्वता अपनाई जाती है। उन्होंने कहा, मेरा ऐसा कोई अनुभव नहीं रहा है, जब किसी मुख्यमंत्री ने किसी विचाराधीन मुकदमे पर कोई बात की हो। कोर्ट और सरकार के बीच का प्रशासनिक संबंध न्यायपालिका के काम से एकदम अलग है। ऐसी मुलाकातें हमारे काम पर कोई असर नहीं डालतीं।
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