खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के उतला जंगल में पुलिस बल और डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की संयुक्त टीम ने नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया एक विशाल हथियार डंप खोज निकाला है। सुरक्षाबलों ने मौके से एक AK-47 राइफल, पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों की इनपुट से मिली सफलता
जिला पुलिस प्रशासन द्वारा नक्सलवाद छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए आत्मसमर्पित कैडरों की सतत निगरानी और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। इसी रणनीतिक पूछताछ के दौरान पुलिस को उतला के जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों के डंप का सटीक इनपुट मिला था।
सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल) अमन झा के कुशल नेतृत्व में विशेष ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की गई। भैरमगढ़ थाने से पुलिस बल और डीआरजी की एक संयुक्त टुकड़ी को उतला गांव के जंगल में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया।
जमीन के अंदर दफन था नक्सलियों का शस्त्रागार
गहन तलाशी अभियान के दौरान जंगल में एक संदिग्ध स्थल की पहचान की गई। सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए जब जवानों ने जगह की खुदाई की, तो जमीन के नीचे गाड़कर रखा गया नक्सलियों का हथियार डंप बरामद हुआ। जवानों ने बेहद सतर्कता और सुरक्षित तरीके से इस पूरे जखीरे को बाहर निकाला।
बरामद हथियारों एवं कारतूसों का पूरा विवरण (आंकड़े)
बरामद की गई सामग्री में अत्याधुनिक हथियारों के साथ-साथ भारी संख्या में जिंदा राउंड शामिल हैं:
अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी
सर्चिंग टीम बरामद हथियारों और गोला-बारूद को सुरक्षित रूप से भैरमगढ़ थाने लेकर आई है, जहां वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ और पुनर्वास नीति के तहत चलाए जा रहे सामाजिक कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस बरामदगी को नक्सली संगठन के बुनियादी नेटवर्क और उनकी रणनीतिक आपूर्ति पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।


