वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 19 गेंदों में ठोके 50 रन
नई दिल्ली। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत ने आखिरकार जीत का खाता खोल दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 125 रन पर रोक दिया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी का तूफान आया। इस युवा सलामी बल्लेबाज ने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की तूफानी अर्धशतकीय पारी से भारत के लिए जीत की नींव रखी। उनके आक्रामक अंदाज के बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की, जिससे भारत ने 126 रन का लक्ष्य महज 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की पहली टी20 जीत भी रही। भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली।
126 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा संघर्ष करते नजर आए और 8 गेंदों में सिर्फ 1 रन बनाकर ब्लेसिंग मुजरबानी का शिकार हो गए। उस समय भारत का स्कोर 23 रन था और शुरुआती झटका लग चुका था। हालांकि, दूसरे छोर पर वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह अलग ही अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और किसी भी गेंदबाज को जमने का मौका नहीं दिया।
वैभव ने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उनका स्ट्राइक रेट 263.16 का रहा। इस पारी के साथ ही वैभव टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज भी बन गए। दूसरे विकेट के लिए उन्होंने ईशान किशन के साथ 45 रन की तेज साझेदारी की। छठे ओवर में रिचर्ड नगरवा ने उन्हें बेन करन के हाथों कैच कराकर उनकी आतिशी पारी का अंत किया, लेकिन तब तक भारत जीत की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
वैभव के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने आक्रामक तेवर बनाए रखे। उन्होंने 24 गेंदों पर 35 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। ईशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 46 रन की साझेदारी कर भारत को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया। 12वें ओवर में ब्लेसिंग मुजरबानी ने उन्हें आउट किया, लेकिन तब तक मैच पूरी तरह भारत की पकड़ में था।
श्रेयस अय्यर ने जीत तक पहुंचायाकप्तान श्रेयस अय्यर ने इस बार संयम और जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने नाबाद 28 रन बनाए और अंत तक क्रीज पर टिके रहे। उनका साथ तिलक वर्मा ने दिया, जिन्होंने 5 गेंदों पर नाबाद 6 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल कर लिया।
मयंक यादव और प्रिंस यादव की तेज गेंदबाजी ने शुरुआती झटके दिए, जबकि रवि बिश्नोई और शिवम दुबे ने बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम लगाकर जिम्बाब्वे को कभी भी बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया। भारत को मुकाबले की शुरुआत में ही बड़ी सफलता मिली। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने मैच की पहली गेंद पर ही ब्रायन बेनेट को बिना खाता खोले ईशान किशन के हाथों कैच कराकर जिम्बाब्वे को जोरदार झटका दिया। इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज बेन करन भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। उन्हें प्रिंस यादव ने 10 रन के निजी स्कोर पर वैभव सूर्यवंशी के हाथों कैच कराया। महज 19 रन तक जिम्बाब्वे अपने दो विकेट गंवा चुका था।
शुरुआती झटकों से उबरने की कोशिश कर रहे जिम्बाब्वे को मयंक यादव ने एक और बड़ा झटका दिया। उन्होंने डियोन मायर्स को सिर्फ 6 रन पर आउट कर दिया। इसके बाद कप्तान सिकंदर रजा से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन शिवम दुबे ने उन्हें भी महज 4 रन पर पवेलियन भेज दिया। सातवें ओवर तक जिम्बाब्वे का स्कोर 32 रन पर चार विकेट हो चुका था और टीम पूरी तरह दबाव में आ गई।
चार विकेट जल्दी गिरने के बाद रयान बर्ल और वेस्ली मढेवेरे ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 32 रन जोड़े और टीम को कुछ हद तक स्थिरता दी। हालांकि, रन गति लगातार धीमी रही। बर्ल ने 35 गेंदों में 26 रन बनाए, जिसमें सिर्फ एक चौका और एक छक्का शामिल था। उन्हें 14वें ओवर में रवि बिश्नोई ने तिलक वर्मा के हाथों कैच कराया।
एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन वेस्ली मढेवेरे ने संघर्ष जारी रखा। उन्होंने 34 गेंदों में 39 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था। अंतिम ओवर में तेज रन लेने की कोशिश में वह रन आउट हो गए। विकेटकीपर बल्लेबाज तादीवानाशे मारुमानी ने आखिर तक नाबाद रहते हुए 20 गेंदों पर 27 रन बनाए और आखिरी ओवरों में कुछ बड़े शॉट लगाए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।


