खबर वर्ल्ड न्यूज-सूरजपुर। छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित अनुदान पर नर बकरा वितरण योजना ऐसे ही प्रयासों में शामिल है, जो पशुपालकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। सूरजपुर जिले के ग्राम कारवाँ निवासी निखिल की कहानी इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल है।
कुछ वर्ष पहले तक निखिल के लिए बकरी पालन पारंपरिक आजीविका का एक सीमित साधन भर था। संसाधनों की कमी और बेहतर नस्ल के पशुधन के अभाव में आय बढ़ाने की संभावनाएं सीमित थीं। वर्ष 2024-25 में उन्हें पशुधन विकास विभाग की अनुदान पर नर बकरा वितरण योजना का लाभ मिला और यहीं से उनके जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई।
योजना के तहत प्राप्त 3,500 रुपये की अनुदान सहायता से उन्होंने उन्नत नस्ल का नर बकरा खरीदा। उस समय उनके पास केवल छह बकरियां थीं, लेकिन उन्नत नस्ल के बकरे के उपयोग से पशुधन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। बेहतर प्रजनन क्षमता के कारण पशुधन की संख्या बढ़ी और आज उनके पास 11 बकरे-बकरियां हैं।
निखिल अब प्रतिवर्ष 8 से 10 बकरे-बकरियों का विक्रय कर रहे हैं, जिससे उन्हें लगभग एक लाख रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस आय ने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास और स्थायित्व भी लेकर आया है। पशुपालन आज उनके लिए परंपरागत कार्य नहीं, बल्कि सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बन चुका है।
निखिल बताते हैं कि शासन की समय पर मिली सहायता ने उन्हें उन्नत नस्ल के पशुधन अपनाने का अवसर दिया। इससे पशुधन की गुणवत्ता बढ़ी, उत्पादन क्षमता में सुधार हुआ और आय के नए रास्ते खुले। वे मानते हैं कि यदि ग्रामीण पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ समय पर मिले तो पशुपालन ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है।
Trending
- जनदर्शन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश
- छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा भव्य मंच: वर्ष 2026-27 के वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित
- सेवा सेतु बना आम लोगों का सहाराः सन्नू हेमला को समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र
- जशपुर के युवाओं को मिलेगी महानगरों जैसी शिक्षा सुविधा: कुनकुरी में ₹4.37 करोड़ की लागत से आकार ले रहा अत्याधुनिक ‘नालंदा परिसर’
- रिमझिम फुहारों के बीच सादगी और आत्मीयता से मना खाद्य मंत्री दयालदास बघेल का जन्मोत्सव
- 42 वर्ष 3 माह 21 दिन की गौरवपूर्ण सेवा के बाद अशोक कुमार कश्यप को भावभीनी विदाई, पदमपुर में हुआ सम्मान समारोह
- बकरी पालन से बदली सूरजपुर के निखिल की तकदीर: शासन की योजना से बढ़ी पशुधन की गुणवत्ता, सालाना कमाई पहुंची ₹1 लाख
- महतारी वंदन योजना बनी भारती सिंह के सपनों की संबल, आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े मजबूत कदम


