नई दिल्ली। आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट ने ‘सुप्रीम फैसला’ सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को आवारा कुत्तों का नसबंदी करके कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया है। देश के शीर्ष न्ययालय ने कहा कि सड़कों पर आवारा कुत्ते नहीं दिखनी चाहिए। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल से आवारा कुत्तों को हटाया जाए। राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश लागू करने के निर्देश दिए। देश के शीर्ष न्यायालय ने साथ ही हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर से भी आवारा पशुओं को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 8 सप्ताह में अपने आदेश को लागू करने के लिए कहा है।
मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच में हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएंगे। स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा 3 हफ्ते में दायर किया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई अब 13 जनवरी को होगी। आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (7 नवंबर, 2025) को तीन आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा है कि एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर राज्य काम करें और एफिडेविट दाखिल करें। दूसरे आदेश में कोर्ट ने कहा कि सड़कों पर आवारा पशुओं को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू करें। हाई वे और सड़कों से आवारा पशुओं को हटाएं। उन्हें आश्रय स्थल में रखें। नगर निगम पेट्रोलिंग टीम बनाएं और 24 घंटे निगरानी रखें। कोर्ट ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने का भी आदेश दिया है।
Trending
- मुख्यमंत्री ने संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया
- सीएम साय, डिप्टी सीएम साव और शर्मा पर सोशल मीडिया में अमर्यादित टिप्पणी, सिविल लाइन थाने में शिकायत
- छत्तीसगढ़ में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 7 दिन में 376 नमूने लिए; 775 किलो खाद्य सामग्री नष्ट
- आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन एवं शिलान्यास
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति
- 27 अगस्त को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में समान नागरिक संहिता के प्रारूप पर मंथन
- नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की
- घुमड़ते बादलों के बीच मुक्ताकाशी मंच पर साकार हुआ ‘पावस प्रसंग’


