खबर वर्ल्ड न्यूज़-नई दिल्ली । महाराष्ट्र विधानभा चुनाव की सरगर्मियां और भी तेज होती जा रही हैं। राजनीतिक दल अपने- अपने सियासी गठजोड़ मजबूत करने में लगे हैं। यहां की 288 विधानसभी सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि इसका परिणाम 23 नवंबर को घोषित किया जाएगा। इसको लेकर सोमवार को नामांकन वापसी का समय खत्म हो चुका है। अब कोई भी उम्मीदवार अपना नामांकन वापस नहीं ले सकता है।
ऐसे में अब महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए 8272 प्रत्याशी ही चुनावी मैदान में बचे हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार विधानसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में कुल 10900 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से 1654 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द है। कर दिए गए, जबकि 9260 नामांकन स्वीकार किए गए। इनमें से भी 983 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले कहा, लिया। इन सबके बाद अब 8272 प्रत्याशी बचे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला 20 नंवबर को ईवीएम में कैद होने वाला है।
बागियों को शरद-उद्धव ने दिया था अल्टीमेटम
महाराष्ट्र में चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है। इस बीच शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमने कई बागियों से नाम वापस लेने की अपील की है। कई बागी वापस लेने के लिए तैयार भी हो गए है, लेकिन जिन बागियों ने नाम वापस नहीं लिया है, उन पर पार्टी की ओर से कार्रवाई की जाएगी। दोनों नेताओं ने इस दौरान एमवीए गठबंधन को लेकर बात की उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि एमवीए को एक दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने चाहिए। सीपीआई (एम), पीडब्ल्यूपी और एसपी जैसे अन्य सहयोगी दलों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। उद्धव ने ‘हमने सभी बागियों से बात की है, जो हमारे निर्देश के बाद भी अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे, उनके खिलाफ हम सख्त कार्रवाई करेंगे। हम दोस्ताना लड़ाई के पक्ष में नहीं हैं। हम एमवीए के तौर पर एकजुट होकर लड़ेंगे।

