। भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर टकराव के दो बिंदुओं देपसांग और डेमचोक से अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने का काम पूरा कर लिया है। इन बिंदुओं पर जल्द ही गश्त भी शुरू हो जाएगी। सेना के सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को दीपावली पर दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच मिठाइयों का आदान- प्रदान भी किया जाएगा।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि सैनिकों के पीछे हटने के बाद दोनों तरफ से सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा हो जाने के बाद कमांडर स्तर पर बातचीत में गश्त शुरू करने के समय पर फैसला किया जाना है। गलवां घाटी और गोगरा हॉट स्प्रिंग्स जैसे अन्य टकराव के बिंदुओं से सैनिकों की वापसी या गश्त के मुद्दे पर भी स्थानीय कमांडर स्तर पर बातचीत जारी रहेगी। दीपावली पर दोनों पक्षों के बीच मिठाइयों के आदान-प्रदान के बारे में सूत्रों ने बताया कि यह सैन्य और कूटनीतिक दोनों ही नजरिये से एक बड़ी सफलता है। गलवां से पहले पारंपरिक रूप से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच त्योहारों और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर पूर्वी लद्दाख सहित एलएसी की विभिन्न सीमा चौकियों पर मिठाइयों व शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया जाता रहा है।
गलवां हिंसा के बाद हुई थी सैनिकों की तैनाती सैनिकों की वापसी और गश्त से जुड़ा समझौता पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच करीब चार साल से बने तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
■ जून, 2020 में गलवां घाटी में भारतीय व चीनी सैनिकों में हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ गए थे। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान बलिदान हो गए थे। चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे। इसके बाद, दोनों तरफ से एलएसी पर बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की गई थी।

