खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मकान बेचने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में छह लोगों पर मकान का सौदा करने के बाद खरीदार से 3.98 लाख रुपये लेने और रजिस्ट्री नहीं करने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 32 लाख रुपये में मकान का सौदा तय हुआ था, लेकिन बाद में पता चला कि संबंधित मकान पहले से ही फाइनेंस कंपनी के पास बंधक है और उस पर कर्ज भी बकाया है। मामले में न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार ईदगाह भाठा मस्जिद गली निवासी रहमुद्दीन कुरैशी ने गुलजार सिंह ठाकुर, संजय सिंह ठाकुर, अशोक सिंह ठाकुर, पंकज सिंह ठाकुर, अमित सिंह ठाकुर और करुणा ठाकुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों के स्वामित्व वाले अश्वनी नगर में मस्जिद के पीछे स्थित 1500 वर्गफुट जमीन पर बने मकान को खरीदने के लिए 5 नवंबर 2019 को रहमुद्दीन कुरैशी और उनके भाई जमरूदीन कुरैशी के साथ 32 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच इकरारनामा भी किया गया था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इकरारनामा होने के बाद 7 नवंबर 2019 को भारतीय स्टेट बैंक के चेक के माध्यम से 2.50 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा एक लाख रुपये नकद भी दिए गए थे। इसके बाद 8 फरवरी 2020 को 25 हजार रुपये नकद दिए गए। वहीं, 23 जून 2020 को मकान की ईएमआई के नाम पर 23 हजार रुपये जमा किए गए। इस तरह मकान खरीदने के सौदे के तहत कुल 3 लाख 98 हजार रुपये दिए जाने का दावा किया गया है। खरीदार ने इस मकान को खरीदने के लिए आधार फाइनेंस से 23.63 लाख रुपये का होम लोन भी स्वीकृत कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मकान खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के दौरान उन्हें संपत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी गई थी।
मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जून 2020 में उन्हें जानकारी मिली कि जिस मकान का सौदा किया गया था, वह पहले से ही आईडीएफसी फर्स्ट लोन फाइनेंस कंपनी के पास बंधक है। मकान पर कर्ज बकाया होने के साथ उसकी कुर्की का आदेश भी जारी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद खरीदार ने मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि संबंधित लोगों ने रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, मकान की रजिस्ट्री नहीं होने के बावजूद आरोपियों ने पहले ली गई बयाना और अन्य मदों की रकम भी वापस नहीं की। इस घटनाक्रम के बाद खरीदार ने अपनी रकम वापस पाने और मामले में कार्रवाई कराने के लिए पुलिस से शिकायत की।
शिकायतकर्ता शिकायतकर्ता रहमुद्दीन कुरैशी का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस के समक्ष शिकायत करने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद 24 सितंबर 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खिलेश्वरी सिन्हा ने संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। न्यायालय के निर्देश के बाद पुरानी बस्ती पुलिस ने गुलजार सिंह ठाकुर, संजय सिंह ठाकुर, अशोक सिंह ठाकुर, पंकज सिंह ठाकुर, अमित सिंह ठाकुर और करुणा ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है। इसमें मकान के सौदे से संबंधित इकरारनामा, बैंक चेक, नकद भुगतान और ईएमआई जमा करने से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा संबंधित मकान पर फाइनेंस कंपनी के बकाया ऋण, बंधक की स्थिति और कुर्की आदेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मकान का सौदा किन परिस्थितियों में किया गया था और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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