वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ, बीजापुर में साल के अंत तक इको-टूरिज्म शुरू करने की घोषणा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बीजापुर में शुक्रवार को वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ हुआ। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने इन्द्रावती टाइगर रिजर्व द्वारा तैयार किए गए बाघ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के वनांचल क्षेत्रों में गांव-गांव पहुंचकर वन्यजीव संरक्षण, बाघों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का संदेश देगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जंगल और वन्यप्राणी हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी केवल वन विभाग की नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन्यजीवों की सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की सहभागिता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बाघ रथ के माध्यम से चलाया जा रहा जागरूकता अभियान वनांचल के ग्रामीणों तक संरक्षण का संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इसके जरिए लोगों को जैव विविधता के महत्व, वन्यजीवों की सुरक्षा और प्रकृति के संतुलन के प्रति जागरूक किया जाएगा।प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता से समृद्ध है बीजापुर वन मंत्री ने कहा कि बीजापुर अपनी घनी वन संपदा, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां के जंगल अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास हैं और क्षेत्र की पारिस्थितिकी को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने, जंगलों की रक्षा करने तथा मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
साल के अंत तक शुरू होगा इको-टूरिज्म वन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर में पर्यटन विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि साल के अंत तक जिले में इको-टूरिज्म गतिविधियां विधिवत रूप से शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बीजापुर के प्राकृतिक जंगल, जैव विविधता और नैसर्गिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। इको-टूरिज्म के माध्यम से लोगों को क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
मंत्री ने कहा कि इको-टूरिज्म को स्थानीय समुदाय की सहभागिता से विकसित किया जाएगा। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों को मजबूती मिलने के साथ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है। प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना ही इको-टूरिज्म का मूल उद्देश्य है। इससे पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय आजीविका, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैय्या, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, डीएफओ वनमंडल बीजापुर डॉ. जाधव सागर, उप निदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व सुमेध संजय सुरवाड़े, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल सहित वन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ के साथ रवाना हुआ बाघ रथ अब वनांचल के गांवों तक संरक्षण का संदेश पहुंचाएगा। वहीं, साल के अंत तक प्रस्तावित इको-टूरिज्म गतिविधियां बीजापुर की प्राकृतिक संपदा को पर्यटन से जोड़ने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती हैं।


