खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर द्वारा बुधवार को जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने राज्य लोक सेवा आयोग पीएससी की परीक्षा प्रक्रिया और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि पीएससी की मुख्य परीक्षा में कुछ मामलों में सही और गलत उत्तरों के लिए समान अंक दिए गए हैं, जबकि कुछ प्रश्नों में गलत उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों को सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों से अधिक अंक मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।उन्होंने वर्ष 2025 की राज्य सेवा परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि 265 पदों के लिए मुख्य परीक्षा के बाद नियमानुसार पदों के तीन गुना यानी 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन 608 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार तक पहुंच सके। कांग्रेस ने आयोग से मांग की कि शेष 187 अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंक नहीं मिलने के आधार को स्पष्ट किया जाए और उनकी उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं। विधायक ने वर्ष 2024 की मुख्य परीक्षा की दो उत्तर-पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन में कथित विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ प्रश्नों में समान अथवा सही उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग अंक दिए गए। वहीं, कुछ उदाहरणों में कथित तौर पर गलत उत्तरों पर भी अंक दिए जाने का आरोप लगाया गया। मंडावी ने कहा कि होमरूल लीग की स्थापना, भक्तिन माता राजिम, घरेलू हिंसा से व्यथित व्यक्ति और बौद्ध धर्म के महाभिनिष्क्रमण से जुड़े प्रश्नों की उत्तर-पुस्तिकाओं में अंक देने के तरीके को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि सभी उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए।कांग्रेस विधायक ने मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति और उत्तर-पुस्तिकाओं की गोपनीयता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में कुछ ऐसे शिक्षकों से मूल्यांकन कराया गया, जिनकी पात्रता पर सवाल हैं तथा मूल्यांकनकर्ताओं की जानकारी सार्वजनिक होने से परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित हुई। वर्ष 2024 की राज्य सेवा परीक्षा में भी साक्षात्कार के लिए निर्धारित अनुपात के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन नहीं किए जाने का आरोप सामने आया था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा आयोजित करने का वादा किया था, लेकिन कांग्रेस के अनुसार पिछले दो वर्षों में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने सरकार और पीएससी के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें मामले के निराकरण तक साक्षात्कार स्थगित करना, साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं सार्वजनिक करना, शेष अभ्यर्थियों को उत्तर-पुस्तिकाएं निःशुल्क उपलब्ध कराना, मूल्यांकनकर्ताओं के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित करना, मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी करना, सभी उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराना तथा साक्षात्कार में निर्धारित 1:3 अनुपात का पालन करना शामिल है।युवाओं का भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सरकार और आयोग से उठाए गए सवालों का स्पष्ट जवाब देने तथा परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, आर. वेणुगोपाल राव, इम्तियाज खान, बेनहूर रावतिया, प्रवीण डोंगरे, पुरुषोत्तम सल्लूर, राजकुमार गुप्ता, गुड्डू कोरसा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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