खबर वर्ल्ड न्यूज़ – प्रिया पाठक, रायपुर। जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने ओबीसी की स्पष्ट गणना और बिहार-तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।
इसी मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसद संतोष पांडे ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी जातीय पहचान को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना की मांग करने से पहले राहुल गांधी को देश को बताना चाहिए कि वे किस जाति से हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की जाति को लेकर भी सवाल उठाए और पूछा कि क्या राहुल गांधी पारसी हैं। उनके बयान की रिपोर्ट स्थानीय मीडिया ने भी प्रकाशित की है।
आदिवासी कांग्रेस की बैठक पर भी हमला
छत्तीसगढ़ में होने वाली आदिवासी कांग्रेस की बैठक को लेकर भी सांसद संतोष पांडे ने कांग्रेस पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों का शोषण करती रही है और उन्हें अपमानित करने तथा जेल भेजने का काम किया गया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान आदिवासियों की स्थिति सभी के सामने थी।
भाजपा की मैराथन बैठक पर बोले- शांति काल में भी युद्ध के लिए तैयार
भाजपा की मैराथन बैठक को लेकर संतोष पांडे ने पार्टी की रणनीति पर कहा कि भाजपा लगातार अपने संगठन और कार्यक्रमों की समीक्षा करती रहती है। उन्होंने कहा, “हम अपने शस्त्र को मांजते रहते हैं। शांति काल में भी भाजपा युद्ध के लिए तैयार रहती है।” उन्होंने बताया कि बैठक में अलग-अलग कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आने वाले दिनों के लिए रणनीति भी तय की जा रही है।
जातिगत जनगणना का मुद्दा फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रमुख बना हुआ है। राहुल गांधी और खरगे ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मौजूदा प्रश्नावली को लेकर चिंता जताते हुए ओबीसी की आबादी का सही आंकड़ा सामने लाने के लिए प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है।


