खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-दंतेवाड़ा। वनाे से आच्छादित दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बचेली वन परिक्षेत्र के मासोड़ी गांव के आस-पास आज शनिवर काे जंगल में बाघ के पंजों के निशान मिलने के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंजों के निशानों की जांच की है। प्रारंभिक तौर पर इन निशानों को करीब 4 से 5 साल उम्र के बाघ से जोड़कर देखा जा रहा है। दंतेवाड़ा-बचेली क्षेत्र के जंगलों में इससे पहले भी बाघों की मौजूदगी की जानकारी सामने आती रही है। स्थानीय स्तर पर इस इलाके में पूर्व में बाघों के शिकार के दावे भी किए जाते रहे हैं। ऐसे में पंजों के नए निशान मिलने के बाद वन विभाग के लिए इस बाघ की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती है।
बाघ की मौजूदगी की सूचना के बाद दंतेवाड़ा डीएफओ सहित बचेली वन परिक्षेत्र के रेंजर डॉ. प्रीतेश पांडेय भी माैके पर पहुंचकर लोगों को सावधानी बरतने समझाइश दी जा रही है। बाघ की गतिविधि को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सूचना जारी की है। इसमें ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल या जंगल से लगे इलाकों में अकेले न जाएं। खासकर सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें। वन विभाग ने ग्रामीणों को मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने और उन्हें सुरक्षित बाड़े में रखने की सलाह दी है। रात में घर से बाहर निकलने पर टॉर्च का इस्तेमाल करने और संभव हो तो समूह में निकलने को कहा गया है। वन विभाग की एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी ग्रामीण को वन्यजीव दिखाई देता है तो उसके पास जाने, उसे घेरने या भगाने की कोशिश न करें। इसकी तत्काल सूचना नजदीकी वन अमले या बचेली वन परिक्षेत्र कार्यालय को दें। साथ ही वन विभाग ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल विभाग की ओर से जारी सूचना पर भरोसा करने की अपील की है।
बचेली वन परिक्षेत्र के रेंजर डॉ. प्रीतेश पांडेय के अनुसार वन विभाग की प्राथमिकता बाघ को किसी तरह परेशान करने की बजाय उसकी गतिविधि पर नजर रखते हुए उसे सुरक्षित तरीके से घने जंगल की ओर जाने देना है। उन्होंने बताया कि टीम इलाके में निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को भी वन्यजीव की गतिविधि को लेकर लगातार जागरूक किया जा रहा है। उनका कहना है कि मासोड़ी क्षेत्र में मिले पंजों के निशान की जांच की जा रही है। बाघ की गतिविधि को देखते हुए वन अमला सतर्क है।
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