15 जून से 15 जुलाई तक जिलेभर में चल रहा विशेष अभियान, समय पर पहचान और उपचार पर जोर
खबर वर्ल्ड न्यूज-शिव तिवारी-बिलासपुर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल के निर्देशन तथा जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. रक्षित के मार्गदर्शन में अभियान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है।
अभियान की प्रगति एवं विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा के लिए आज नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे की अध्यक्षता में कलेक्टर सभाकक्ष में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि कुष्ठ एक जीवाणुजनित रोग है, जिसका समय पर पता लगने और नियमित उपचार से पूर्णतः नियंत्रण एवं विकृति की रोकथाम संभव है। अभियान के सफल संचालन हेतु विभिन्न विभागों के सहयोग से विकासखंड स्तर पर लक्ष्य आधारित टीमों का गठन किया गया है। स्वास्थ्य कर्मी एवं मितानिन घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच कर रहे हैं तथा कुष्ठ रोग के लक्षणों के प्रति जागरूकता भी फैला रहे हैं।
अभियान के अंतर्गत अब तक जिले में 38 हजार 220 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है। जांच के दौरान 9 व्यक्तियों को संदेहास्पद चिन्हित किया गया है, जिनकी आगे आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं परामर्श की प्रक्रिया जारी है। जिले में वर्तमान में 372 कुष्ठ रोगी उपचाररत हैं। इनमें 29 असंक्रामक प्रकार के मरीज हैं, जिनका उपचार छह माह तक चलेगा, जबकि 343 संक्रामक प्रकार के मरीजों का उपचार 12 माह तक निर्धारित है। सभी मरीज नियमित उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
बैठक में नागरिकों से अपील की गई कि यदि शरीर पर सुन्न धब्बे, त्वचा का रंग बदलना या संवेदना में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे छिपाने के बजाय स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र को अवश्य जानकारी दें। समय पर जांच और सही उपचार से कुष्ठ रोग का पूर्ण उपचार संभव है तथा विकृति से बचाव किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने अभियान को जनसहभागिता से सफल बनाने की अपील करते हुए संदेश दिया कि “समय पर जांच, सही इलाज और विकृति से बचाव” ही कुष्ठ मुक्त समाज की आधारशिला है। “कुष्ठ मुक्त बिलासपुर, स्वस्थ बिलासपुर हमारा संकल्प” के उद्देश्य के साथ अभियान निरंतर जारी रहेगी।


