नई दिल्ली। कदम का फल अपने औषधीय गुणों के कारण काफी खास माना जाता है। आयुर्वेद में इसे कई स्वास्थ्य लाभों से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि इसे किसी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। लेकिन संतुलित आहार और स्वस्थ जीवन शैली के साथ इसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। यही वजह है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कदम के फल और पेड़ को विशेष महत्व दिया जाता है। लोग इन्हें बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे बनती है एक स्वादिष्ट और औषधीय सब्जी? जी हां, कदम के फल ना केवल स्वाद में लाजवाब हैं, बल्कि इनके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं, खासकर पेट की समस्याओं के लिए।
हमारे आसपास कई ऐसे पेड़-पौधे मौजूद हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। लेकिन उनके फल और अन्य हिस्से स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी माने जाते हैं। ऐसा ही एक पेड़ है कदम। जिसका फल आयुर्वेद में विशेष महत्व रखता है। कदम का पेड़ भारत के कई राज्यों में पाया जाता है और इसे धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके फल, पत्तियां और छाल का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में लंबे समय से किया जाता रहा है।
वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति के अनुसार कदम के फल में कई ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसका उपयोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में घरेलू उपाय के रूप में भी करते है। हालांकि किसी भी बीमारी में इसका उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
पाचन तंत्र के लिए लाभकारी
कदम के फल को पाचन तंत्र के लिए अच्छा माना जाता है। इसका सेवन पेट की सामान्य समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और शरीर को आवश्यक पोषण देने में सहायक माना जाता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार:
विशेषज्ञ विष्णुदत्त प्रजापति बताते है कि कदम के फल में ऐसे तत्व पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकते है। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से लड़ने में सहायता करती है।
त्वचा के लिए भी उपयोगी:
वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति बताते है कि आयुर्वेद में कदम के फल और इसके अन्य हिस्सों का उपयोग त्वचा संबंधी समस्याओं में भी किया जाता है। माना जाता है कि इसके प्राकृतिक गुण त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। कई पारंपरिक उपचारों में इसका उल्लेख मिलता है।
सूजन और दर्द में राहत:
कुछ आयुर्वेदिक विशेषज्ञ विष्णुदत्त प्रजापति का मानना है कि कदम में ऐसे गुण होते हैं, जो शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकते है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व:
कदम का पेड़ केवल औषधीय गुणों के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। कई स्थानों पर इसे पवित्र पेड़ माना जाता है। भारतीय संस्कृति और लोक कथाओं में भी इसका विशेष स्थान है।
विशेषज्ञ की सलाह:
विशेषज्ञ विष्णुदत्त प्रजापति का कहना है कि किसी भी औषधीय फल या जड़ी-बूटी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी बीमारी का इलाज करा रहा है या नियमित दवाएं ले रहा है, तो कदम के फल का सेवन करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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