नई दिल्ली। करौंदा एक खट्टा-मीठा और बेहद पौष्टिक फल माना जाता है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर करौंदा इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और शरीर को मजबूत बनाने में लाभकारी माना जाता है।
गर्मियों के मौसम में वायरल संक्रमण और कमजोरी की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में करौंदा का सेवन शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करता है। करौंदा में मौजूद विटामिन-सी शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देता है। गर्मियों के मौसम में जो लोग जल्दी बीमार पड़ जाते हैं, उनके लिए करौंदा बेहद लाभकारी माना जाता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर अंदर से मजबूत बनता है। करौंदा का मुरब्बा आसानी से तैयार किया जा सकता है, जो पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है।
करौंदा अब सिर्फ एक साधारण फल नहीं रह गया है, बल्कि यह सेहत का खजाना बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस खट्टे-मीठे फल को काफी पसंद करते हैं। छोटे आकार का यह फल स्वाद के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। आयुर्वेद में करौंदा को बेहद उपयोगी माना गया है। इसके फल, पत्तियां और जड़ तक कई रोगों में लाभकारी मानी जाती हैं। गर्मियों और बरसात के मौसम में मिलने वाला करौंदा शरीर को ठंडक देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
अगर आप भी बढ़ते वजन की समस्या से परेशान हैं और वजन कम करना चाहते हैं, तो करौंदा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। करौंदा में कैलोरी कम और फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती। करौंदा का सेवन वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। करौंदा का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाकों में एक ऐसा पौधा पाया जाता है, जिसे किसान अपने खेतों के चारों ओर लगाते हैं ताकि जानवर खेतों में प्रवेश न कर सकें और फसल सुरक्षित रहे। लेकिन इसी पौधे का फल गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है और इसकी मांग भी बढ़ जाती है। आज हम आपको ऐसे ही फल करौंदा के बारे में बता रहे हैं, जो खट्टा-मीठा और बेहद पौष्टिक माना जाता है। इसमें विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
करौंदा में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। यही कारण है कि करौंदा हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। करौंदा खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इसके सेवन से शरीर में खून की कमी दूर होती है और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है।
करौंदा को आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है। यही वजह है कि एनीमिया यानी खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है। महिलाओं और बच्चों के लिए करौंदा किसी रामबाण से कम नहीं है। शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए आयरन जरूरी होता है और करौंदा प्राकृतिक रूप से इसकी पूर्ति करने में मदद करता है।
करौंदा की पत्तियों का उपयोग घाव भरने और त्वचा संबंधी समस्याओं में किया जाता है। गांवों में लोग करौंदा की पत्तियों का लेप बनाकर चोट और सूजन पर लगाते हैं, जिससे घाव जल्दी भर जाते हैं। तेज गर्मी और लू के मौसम में करौंदा शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है। ग्रामीण इलाकों में लोग इसका शरबत बनाकर पीते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और थकान भी कम महसूस होती है।
करौंदा एक कांटेदार झाड़ीदार पौधा होता है, जिसका वैज्ञानिक नाम Carissa carandas है। इसका फल कच्चा होने पर हरे रंग का और पकने पर गुलाबी या गहरे बैंगनी रंग का हो जाता है। स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा होने के कारण इसका उपयोग अचार, चटनी, जैम और जूस बनाने में भी किया जाता है। करौंदा का पौधा सूखे और गर्म मौसम में भी आसानी से बढ़ जाता है। यही वजह है कि किसान अब इसकी खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। कम लागत और कम देखभाल में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है।
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