KWNS -प्रिया पाठक, रायपुर। पूर्व विधायक Devji Bhai Patel ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai को दो पेज का पत्र लिखकर मंत्रालय, संचालनालय और नया रायपुर स्थित शासकीय कार्यालयों के अधिकारियों के लिए बस सेवा अनिवार्य करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत अपील का हवाला देते हुए सरकारी वाहनों के उपयोग में कटौती का आग्रह किया है।
पत्र में कहा गया है कि महानदी भवन, इन्द्रावती भवन और अन्य कार्यालयों में बड़ी संख्या में अधिकारी शासकीय वाहनों का उपयोग करते हैं। ऐसे समय में जब देश ईंधन बचत और मितव्ययिता पर जोर दे रहा है, तब अधिकारियों को भी कर्मचारियों की तरह बस सेवा का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के लिए अलग-अलग लग्जरी वाहनों का काफिला राज्य के खजाने पर अनावश्यक बोझ बनता जा रहा है।
देवजी भाई पटेल ने अपने पत्र में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन या बस में सफर करने में “शर्म” महसूस होती है, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) दे दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा केवल सीमा पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों का भी कर्तव्य है कि वे संकट के समय अनुशासन और सादगी का परिचय दें।
ईंधन बचत का दिया गणित
पूर्व विधायक ने अपने पत्र में दावा किया कि रायपुर से नया रायपुर आने-जाने में एक सरकारी वाहन प्रतिदिन लगभग 5 से 6 लीटर पेट्रोल खर्च करता है, जिस पर करीब 600 रुपये प्रतिदिन खर्च होते हैं। इस हिसाब से एक अधिकारी की गाड़ी पर हर महीने लगभग 14 हजार रुपये केवल ईंधन पर खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि 500 अधिकारी भी बस सेवा अपनाएं, तो शासन को करोड़ों रुपये की बचत हो सकती है।
उन्होंने मंत्रियों के काफिलों में चलने वाली गाड़ियों की संख्या सीमित करने की भी मांग की। पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित और राष्ट्रहित में इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।




