“रातों-रात ढहा स्कूल भवन: अब बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के लिए नए, सुरक्षित स्कूल निर्माण की उठी मांग”
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष पाठक-मुंगेली। जिले के ग्राम पंचायत पालचुआ (पीपरपारा) में एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जहां बीती रात अज्ञात लोगों द्वारा गांव के शासकीय प्राथमिक शाला एवं मिडिल स्कूल भवन को जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया। घटना की जानकारी ग्रामीणों को 22 अप्रैल की सुबह उस समय हुई, जब स्कूल का चपरासी रोज की तरह साफ-सफाई के लिए पहुंचा।
स्कूल पहुंचते ही उसने देखा कि भवन चारों तरफ से बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। यह देखकर उसने तत्काल गांव वालों को सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्रित हो गए। सूचना सरपंच और सचिव तक भी पहुंचाई गई।
मौके पर मिले जेसीबी के निशान, संदेह गहराया
घटनास्थल पर स्कूल के टूटे हिस्सों के बीच मलबा फैला हुआ था और मैदान में जेसीबी के टायरों के स्पष्ट निशान दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के पहले गांव में एक जेसीबी खड़ी होने की बात भी सामने आई थी, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि स्कूल को सुनियोजित तरीके से तोड़ा गया है।
बिना पंचायत जानकारी के इतनी बड़ी घटना संदिग्ध
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, सरपंच-सचिव या पंचायत को बिना जानकारी दिए इस प्रकार की बड़ी कार्रवाई होना बेहद संदेहास्पद है। लोगों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि असल दोषियों का पता चल सके।
वर्षों से जर्जर था स्कूल, लेकिन सुधार नहीं हुआ
गांव के लोगों ने बताया कि लंबे समय से स्कूल के जीर्णोद्धार और उच्च कक्षाओं के संचालन को लेकर मांग उठती रही है। पंचायत और स्थानीय नेताओं द्वारा कई बार प्रयास भी किए गए, लेकिन अब तक स्कूल की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों का यह भी कहना है भले ही स्कूल को तोड़कर किसी ने अपराध किया है जिसकी उसे सजा भी मिलेगी परंतु यह अपराध किसी सुधार से कम नहीं है बच्चों के भविष्य और उनकी जान से खिलवाड़ होने से पहले यह मामला प्रशासन की नजर में आ गया!
विधायक के दौरे, लेकिन हालात जस के तस
क्षेत्र के विधायक पुन्नू लाल मोहल्ले का गांव में हर वर्ष 2-3 बार दौरा होता है। मेला या धार्मिक आयोजनों के दौरान वे यहां पहुंचकर बदहाल स्थिति का जायजा भी लेते हैं और आश्वासन देते हैं, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, नाली और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर अब तक ठोस कार्य नहीं दिखा।
प्रशासन को दी गई सूचना, जांच की मांग
घटना की जानकारी थाना सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। फिलहाल स्कूलों में छुट्टी का समय होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई है, लेकिन आने वाले समय को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
नई स्कूल भवन की मांग तेज
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और साथ ही पुराने भवन को पूरी तरह हटाकर एक आधुनिक और व्यवस्थित स्कूल का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि नए स्कूल में शौचालय, बाउंड्री वॉल, खेल मैदान, लाइब्रेरी और कंप्यूटर शिक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति को भी उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करता है।


