नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की सत्ता की बागडोर अपने हाथों में ले ली है। राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
यह क्षण इसलिए भी खास है क्योंकि बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार बीजेपी का कोई नेता सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचा है।
शपथ ग्रहण समारोह: मुख्य विवरण
आज के शपथ ग्रहण समारोह को संक्षिप्त रखा गया, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ दो वरिष्ठ नेताओं ने उप-मुख्यमंत्री (Deputy CM) के रूप में शपथ ली।
| पद | नाम | पार्टी |
| मुख्यमंत्री | सम्राट चौधरी | बीजेपी (BJP) |
| उप-मुख्यमंत्री | विजय कुमार चौधरी | जेडीयू (JDU) |
| उप-मुख्यमंत्री | बिजेंद्र प्रसाद यादव | जेडीयू (JDU) |
इस कार्यक्रम में राजनीति के कई दिग्गज शामिल हुए, जिनमें बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, लोजपा (आर) के चिराग पासवान और हम (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी प्रमुख रहे।
कैबिनेट का गणित: अभी 33 पद खाली
नई एनडीए सरकार के गठन के साथ ही सत्ता का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। हालाँकि, आज केवल तीन मंत्रियों ने शपथ ली है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े विस्तार के संकेत मिलते हैं।
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कुल स्वीकृत मंत्री पद: बिहार कैबिनेट में अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं।
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आज भरी गई सीटें: 03 (मुख्यमंत्री + 2 डिप्टी सीएम)
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शेष रिक्तियाँ: 33 मंत्री पद अभी भी खाली हैं, जिन्हें जल्द ही बीजेपी, जेडीयू और अन्य सहयोगी दलों के बीच कोटा तय करके भरा जाएगा।
एक नए युग की शुरुआत?
नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल के बाद सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार एनडीए में बीजेपी की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। सम्राट चौधरी, जो अपनी आक्रामक राजनीति और संगठन कौशल के लिए जाने जाते हैं, उनके सामने अब अपनी गठबंधन सरकार को स्थिरता देने और ‘विकसित बिहार’ के रोडमैप को लागू करने की बड़ी चुनौती होगी।


