KWNS -प्रिया पाठक, रायपुर। छत्तीसगढ़ में कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए राज्य जीएसटी विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। विभाग द्वारा किए गए सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि प्रदेश में करीब 1.50 लाख ऐसे व्यापारी हैं, जो जीएसटी के दायरे में आने के बावजूद अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं।
विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि 10 अप्रैल के बाद सभी अपंजीकृत कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। ऐसे व्यापारियों को सीधे नोटिस जारी किया जाएगा और उनसे जवाब मांगा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, विभाग ने डेटा एनालिसिस और सर्वे के माध्यम से ऐसे व्यापारियों की पहचान की है, जो नियमित कारोबार कर रहे हैं लेकिन जीएसटी रजिस्ट्रेशन से बच रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है।
जनता और व्यापारियों पर असर
कमिश्नर स्टेट जीएसटी पुष्पेंद्र कुमार मीणा के मुताबिक, छोटे कारोबारियों जिनका टर्नओवर जीएसटी सीमा से अधिक है, उन्हें लगातार जागरूक किया जा रहा है। हालांकि, जो व्यापारी जानबूझकर टैक्स चोरी कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान से जहां राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, वहीं छोटे व्यापारियों के लिए 10 अप्रैल की डेडलाइन एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। कई व्यापारी अब जल्दबाजी में पंजीयन कराने की तैयारी में जुट गए हैं।
जीएसटी विभाग ने सभी पात्र व्यापारियों से अपील की है कि वे समय रहते पंजीयन कराएं, ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके। यह अभियान प्रदेश में कर व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


