खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। बीजापुर जिले में तेन्दूपत्ता सीजन 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष जिला वनोपज सहकारी यूनियन ने 1 लाख 19 हजार 500 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया है। बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए संग्रहण से पहले 5 मार्च से 15 मार्च तक जंगलों में शाखकर्तन कार्य कराया जा रहा है।
वन विभाग के डीएफओ रमेश जांगड़े नए बताया तेन्दूपत्ता संग्रहण शुरू होने से लगभग 45 से 50 दिन पहले शाखकर्तन करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष समितिवार और फड़वार विस्तृत योजना तैयार कर चिन्हित क्षेत्रों में यह कार्य कराया जा रहा है, ताकि समय पर नई और अच्छी गुणवत्ता की पत्तियां निकल सकें और संग्राहकों को अधिक लाभ मिल सके। घनी तेन्दूपत्ता झाड़ियों को जमीन की सतह से लगभग 1 से 2 इंच नीचे तेज धार वाले औजार से काटने की सलाह दी गई है। इसके लिए छोटी कुल्हाड़ी और फावड़े का उपयोग करने को कहा गया है। साथ ही कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों को एक मीटर दूर फेंकने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जंगलों में आग लगने की संभावना कम हो सके।
वन विभाग ने फड़मुंशी और फड़ अभिरक्षकों को ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें जागरूक करने के निर्देश दिए हैं कि महुआ या अन्य वनोपज संग्रहण के दौरान जंगलों में आग न लगाएं। आग लगने से वन्यजीवों और वन संपदा को भारी नुकसान होता है। इस वर्ष तेन्दूपत्ता शाखकर्तन कार्य को विशेष अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिससे सही तकनीक और सही समय पर कार्य कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा रहा है।
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