एक चिंगारी से उजड़ सकता है जंगल, सावधानी ही सुरक्षा है ,बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी, जंगल के लिए भारी- जांगड़े
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। गर्मी का मौसम शुरू होते ही जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग सक्रिय हो गया है। बीजापुर सामान्य वन मंडल के डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े के निर्देश पर वन विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अमूल्य वन संपदा और वन्यजीवों को आग से सुरक्षित रखा जा सके। वन विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को वनाग्नि से होने वाले नुकसान और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक कर रही है। स्थानीय बोली में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि जंगल में आग लगाने से पर्यावरण, वन्यजीवों और आसपास रहने वाले लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। ग्रामीणों को सूखे पत्तों की सफाई करने, ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग से बचने और सूखी घास वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग द्वारा हाट-बाजारों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें पारंपरिक वैद्य, सिरहा-बैगा और गुनिया को भी शामिल किया जा रहा है ताकि ग्रामीण समाज तक संदेश प्रभावी तरीके से पहुंच सके। कार्यक्रमों में लोगों को जंगल में आग लगने के कारणों, उससे होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों की सरल भाषा में जानकारी दी जा रही है। विशेष रूप से महुआ बीनने के दौरान आग लगाने की परंपरा से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में ग्रामीणों को समझाते हुए इस आदत को छोड़ने की अपील की जा रही है। इस दौरान ग्रामीणों को वन संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
उप वनमण्डलाधिकारी बीजापुर देवेन्द्र कुमार गोंड एवं परिक्षेत्र अधिकारी गंगालूर भुजबल सिंह ठाकुर ने बताया कि जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग की ओर से फायर वॉचर तैनात किए गए हैं। इन फायर वॉचरों ने जंगल के भीतर ही वन अग्नि निगरानी चौकियां झोपड़ियां बनाकर लगातार निगरानी शुरू कर दी है, ताकि किसी भी स्थान पर आग लगने की सूचना तुरंत मिल सके और समय रहते उसे बुझाया जा सके।
आग से बचाव के लिए दिए सुझाव
उप वनमण्डलाधिकारी भोपालपटनम नितिश कुमार रावटे ने बताया कि जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए जा रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि जंगल में बीड़ी-सिगरेट या जलती हुई वस्तुएं न फेंकें, महुआ संग्रह के दौरान आग का प्रयोग न करें और सूखी पत्तियों की सफाई के लिए वन विभाग को सूचना दें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को देने और फायर लाइन निर्माण व सफाई कार्य में सहयोग करने की अपील की गई है।


