खबर वर्ल्ड न्यूज-आशीष कंठले-बेमेतरा। आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक कमाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह आत्मविश्वास, हौसले और मेहनत से जुड़ी होती है। बेमेतरा जिले की श्रीमती लक्ष्मी रंगारे की प्रेरणादायक कहानी इसी का उदाहरण है। जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ाए हैं।
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच नहीं हारी हिम्मत
लक्ष्मी रंगारे बताती हैं कि परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर ही हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास जारी रखा और मेहनत के साथ आगे बढ़ती रहीं।
महतारी वंदन योजना बनी सहारा
ऐसे समय में राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई। इस योजना के तहत मिलने वाली राशि ने उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता लाने में मदद की। लक्ष्मी रंगारे ने इस राशि का उपयोग केवल दैनिक खर्चों में करने के बजाय समझदारी से बचत करने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि यदि योजनाओं का सही उपयोग किया जाए तो छोटी सहायता भी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।
बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि में निवेश
लक्ष्मी रंगारे हर महीने मिलने वाली राशि का एक हिस्सा अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करती हैं। उनका कहना है कि छोटी-छोटी बचत ही आगे चलकर बड़ी सुरक्षा बनती है। वे मानती हैं कि बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए समय रहते निवेश करना बहुत जरूरी है। इसी सोच के साथ वे नियमित रूप से बचत कर रही हैं ताकि आने वाले समय में उनकी बेटी को बेहतर अवसर मिल सके।
सिलाई-कढ़ाई के हुनर को बनाया रोजगार
लक्ष्मी रंगारे को बचपन से ही सिलाई-कढ़ाई का शौक था। उन्होंने अपने इसी हुनर को रोजगार का माध्यम बनाया और घर से ही सिलाई का काम शुरू किया। उनकी मेहनत, लगन और कपड़ों की बेहतर फिनिशिंग के कारण धीरे-धीरे लोगों का विश्वास बढ़ने लगा। आसपास के गांवों और मोहल्लों से भी लोग कपड़े सिलवाने के लिए उनके पास आने लगे। आज उनके पास महिलाओं और बच्चों के कपड़ों की सिलाई का अच्छा काम आने लगा है, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है।
लखपति दीदी योजना से मिली नई प्रेरणा
लक्ष्मी रंगारे बताती हैं कि लखपति दीदी योजना ने उन्हें आगे बढ़ने की नई प्रेरणा दी है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास और भी मजबूत हुआ है और वे अपने कार्य को और आगे बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
आज लक्ष्मी रंगारे सिलाई के कार्य से आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि हौसला और मेहनत साथ हो, तो हर महिला अपने जीवन को नई दिशा दे सकती है। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनकर उभर रही हैं।
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