KWNS -प्रिया पाठक, रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देश पर राज्य शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दल्ली राजहरा नगर पालिका परिषद के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) भूपेंद्र वार्डेकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राजस्व वसूली में गंभीर लापरवाही, डिजिटल प्रणाली की अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता के आरोपों के बाद की गई है।
रिव्यू मीटिंग में खुली पोल, 60% भी नहीं हुई वसूली
निलंबन आदेश के अनुसार, 14 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 (दिसंबर 2025 तक) की राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा की गई। प्रस्तुत रिपोर्ट में पाया गया कि भूपेंद्र वार्डेकर के कार्यकाल में विभिन्न करों की औसत वसूली 60 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच सकी।
सबसे गंभीर लापरवाही संपत्तियों के नए कर (Property Tax) के मांग निर्धारण में पाई गई, जिसके कारण नगर पालिका को अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं हो सका।
पोर्टल पर काम नहीं, केवल एक एंट्री
जांच में यह भी सामने आया कि प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम में कार्य शुरू होने से 13 जनवरी तक मात्र एक ही प्रविष्टि (Entry) दर्ज की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, यह न केवल कार्य के प्रति उदासीनता दर्शाता है बल्कि डिजिटल गवर्नेंस के नियमों का उल्लंघन भी है।
इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विरुद्ध गंभीर कदाचार माना गया है।
मुख्यालय दुर्ग अटैच, मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
राज्य शासन ने भूपेंद्र वार्डेकर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग निर्धारित किया गया है।
नियमों के अनुसार, निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) ही दिया जाएगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
विभागीय जांच के आदेश
निलंबन के बाद अब नगरीय प्रशासन विभाग इस पूरे मामले में विस्तृत विभागीय जांच (Departmental Enquiry) शुरू करेगा। जांच में राजस्व हानि, कर निर्धारण प्रक्रिया और प्रशासनिक जवाबदेही के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
नए अधिकारी की नियुक्ति की तैयारी
इस बीच, नगर पालिका में कर वसूली की गति बढ़ाने और प्रशासनिक कार्य सुचारु रखने के लिए नए अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई के बाद बालोद जिला के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और अन्य नगरीय निकायों को भी राजस्व वसूली में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।


