नई दिल्ली। खजूर खाने के फायदे: खजूर को आयुर्वेद में पौष्टिक और ताकत बढ़ाने वाला फल माना जाता है। नियमित सेवन से शरीर मजबूत होता है, थकान कम होती है और इम्यूनिटी बढ़ती है। आयरन से भरपूर होने के कारण खजूर एनीमिया और कमजोरी में राहत देता है। रोजाना 4-5 खजूर खाने से पुरानी कमजोरी और धड़कन जैसी परेशानियों में सुधार आता है।
सर्दी के मौसम में खजूर किसी आयुर्वेदिक औषधि से कम नहीं है। आयुर्वेद में खजूर को बेहद पौष्टिक और ताकत देने वाला फल माना जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन, रेशा, प्राकृतिक शक्कर और कार्बोहाइड्रेटब की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह शरीर को जल्दी ताकत देता है। इसका स्वाद मीठा और स्वभाव शीतल माना गया है, जो शरीर में पित्त को शांत करता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि खजूर को नियमित खाने से शरीर मजबूत होता है, थकान कम होती है और इम्यूनिटी भी बढ़ती है।
उन्होंने बताया कि इस खून की कमी यानी एनीमिया में खजूर बहुत उपयोगी माना जाता है, क्योंकि इसमें आयरन भरपूर होता है। अगर कोई व्यक्ति इक्कीस दिन तक रोज़ 4 से 5 खजूर खाए तो कमजोरी, चक्कर आना और धड़कन तेज होने जैसी परेशानियों में राहत मिलती है। पुराने एनीमिया में छह महीने तक 7 से 8 खजूर खाने से दिमाग को खून की आपूर्ति बेहतर होती है, जिससे भूलने की आदत और थकान जैसी समस्याए कम होने लगती है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया कि यह गठिया, जोड़ों के दर्द और कमजोरी में खजूर से बना दूध वाला नुस्खा काफी फायदेमंद माना जाता है। एक कप गर्म दूध में एक-एक चम्मच गाय का घी और खजूर पाउडर मिलाकर पीने से दर्द में आराम मिलता है। यह मिश्रण शरीर को ताकत देता है, हड्डियों को मजबूती देता है और जोड़ों में जकड़न कम करता है। लगातार सेवन करने से पुराने दर्द में भी धीरे-धीरे फायदा होता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सक डाॅ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि बहुत सी महिलाओं को पैर दर्द और कमर दर्द की शिकायत रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए वे 5 खजूर और थोड़ा-सा मेथी दो गिलास पानी में उबालकर आधा रह जाने तक पकाए। इसे गुनगुना करके पीने से दर्द में आराम महसूस होता है। यह नुस्खा शरीर की सूजन और थकान भी कम करता है। नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत होती है और कमर व पैरों की कमजोरी में सुधार आता है।
इसके अलावा, कब्ज की समस्या में खजूर बहुत अच्छा घरेलू उपाय है। इसमें रेशा ज्यादा होने से पेट साफ रखने में मदद मिलती है। कब्ज की समस्या से राहत के लिए रात में 5 से 6 खजूर पानी में भिगो दें और सुबह उस पानी को अच्छी तरह निचोड़कर पी लें। इससे पेट आसानी से साफ होता है और कब्ज में आराम मिलता है। यह तरीका पाचन को ठीक करता है और पेट भारी लगने की समस्या भी कम करता है।
आयुर्वेद में पाचन ठीक रखने में भी खजूर फायदेमंद माना जाता है। यह आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जिससे खाना जल्दी और आसानी से पचता है। जिन लोगों को गैस, जलन, एसिडिटी या अल्सर की परेशानी रहती है, उन्हें खजूर आराम दे सकता है। यह पेट को शांत करता है और पाचन प्रक्रिया को मजबूत बनाता है। नियमित खाने से अपच और अम्लता जैसी दिक्कतें कम होती है।
इसके अलावा शरीर में ताकत बढ़ाने के लिए भी खजूर हर उम्र के लोगों के लिए अच्छा माना जाता है। छोटे बच्चों को खजूर चावल के पानी में पीसकर देने से उनकी सेहत मजबूत होती है। बड़े बच्चे खारक को घी में भिगोकर खाए तो हड्डिया मजबूत होती हैं। बुजुर्ग अगर रोज़ खारक या खजूर गर्म दूध के साथ लें तो कमजोरी कम होती है और खून बनने की प्रक्रिया भी बेहतर होती है।
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