खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के जिला प्रभारों में व्यापक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज जारी आदेश के तहत कुल 6 मंत्रियों को नए जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें 3 नए चेहरे भी शामिल हैं। यह बदलाव राज्य के 33 जिलों (कुल क्षेत्रफल 1,35,192 वर्ग किमी, 2011 जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या लगभग 2.55 करोड़) के बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन और विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य में कुल 33 जिले हैं, जिनमें से औसतन प्रत्येक जिले का क्षेत्रफल लगभग 4,097 वर्ग किमी है, जबकि औसत जनसंख्या 7.74 लाख है। इन जिलों में आदिवासी बहुल क्षेत्र (जैसे बस्तर) से लेकर औद्योगिक केंद्र (जैसे दुर्ग) तक विविधता है। नए प्रभारों का वितरण इसी विविधता को ध्यान में रखते हुए किया गया लगता है, जहां ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनजातीय कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। आइए, विस्तार से समझें इस बदलाव को, आंकड़ों और तालिका के माध्यम से:
प्रमुख बदलावों का अवलोकन
- कुल प्रभावित मंत्रियों की संख्या: 6 (जिनमें 3 नए मंत्री शामिल हैं)।
- कवरेज: प्रभावित जिलों की कुल जनसंख्या (2011 जनगणना के आधार पर) लगभग 25 लाख, जो राज्य की कुल जनसंख्या का करीब 10% है। कुल क्षेत्रफल लगभग 18,000 वर्ग किमी (राज्य के 13%)।
- उद्देश्य: मंत्रिमंडल विस्तार (20 अगस्त 2025 को 14 सदस्यों तक पहुंचा, जो राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा) के बाद स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को गति देना। भाजपा सरकार ने जाति-क्षेत्रीय संतुलन बनाते हुए युवा नेतृत्व को बढ़ावा दिया है।
- नए मंत्रियों का योगदान: तीन नए चेहरे (गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल) पहली बार विधायक हैं, जो आरएसएस पृष्ठभूमि या सतनामी समुदाय से जुड़े हैं। इनकी नियुक्ति से ओबीसी और एससी प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ है (कुल 7 ओबीसी और 2 एससी मंत्री)।
मंत्रियों और उनके नए जिला प्रभारों की विस्तृत सूची
नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक मंत्री का नाम, पद, नए प्रभार वाले जिले, और उन जिलों के प्रमुख आंकड़े (2011 जनगणना से) दिए गए हैं। यह बदलाव राज्य के विकास को क्षेत्र-विशेष रूप से लक्षित करने में सहायक सिद्ध होगा:
| मंत्री का नाम | पद/विभाग | नए जिला प्रभार | जिले का क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | जनसंख्या (2011) | प्रमुख विशेषताएं (जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किमी) |
|---|---|---|---|---|---|
| विजय शर्मा | उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री | दुर्ग, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बस्तर | दुर्ग: 3,386 बालोद: 3,107 मोहला-मानपुर-अंबागढ़: 1,898 बस्तर: 6,499 | दुर्ग: 33,48,201 बालोद: 7,87,786 मोहला-मानपुर-अंबागढ़: 3,22,445 बस्तर: 14,13,199 | औद्योगिक हब (दुर्ग: 989); आदिवासी क्षेत्र (बस्तर: 218, नक्सल प्रभावित) |
| श्यामबिहारी जायसवाल | स्वास्थ्य मंत्री | बलौदाबाजार-भाटापारा | 2,891 | 18,55,773 | कृषि प्रधान (घनत्व: 642); सतनामी समुदाय बहुल |
| लक्ष्मी राजवाड़े | महिला एवं बाल विकास मंत्री | बलरामपुर-रामानुजगांव | 5,128 | 6,19,894 | आदिवासी बहुल (घनत्व: 121); वन क्षेत्र अधिक |
| गजेंद्र यादव | स्कूल शिक्षा मंत्री | राजनांदगांव | 3,302 | 15,37,172 | शिक्षा केंद्र (घनत्व: 466); ओबीसी बहुल |
| गुरु खुशवंत साहेब | कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री | सक्ती (नया जिला, 2023 में गठित) | 2,441 | 10,32,069 | औद्योगिक विकास (घनत्व: 423); युवा रोजगार फोकस |
| राजेश अग्रवाल | पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं एंडोमेंट मंत्री | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (नया जिला, 2020 में गठित) | 3,164 | 4,46,312 | जनजातीय संस्कृति (घनत्व: 141); पर्यटन संभावनाएं |
(आंकड़े: 2011 जनगणना से। नोट: सक्ती और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे नए जिलों के आंकड़े मूल जिलों से विभाजित अनुमानित हैं। कुल प्रभावित जिलों का औसत घनत्व: 420 व्यक्ति/वर्ग किमी।)
बदलाव का महत्व और प्रभाव
यह फेरबदल छत्तीसगढ़ के विकास के लिए रणनीतिक है। उदाहरणस्वरूप:
- गृह मंत्री विजय शर्मा को बस्तर का प्रभार: बस्तर (जनसंख्या 14 लाख+, क्षेत्र 6,499 वर्ग किमी) नक्सल प्रभावित है। यहां सुरक्षा और विकास पर फोकस बढ़ेगा, जहां आदिवासी (एसटी) आबादी 70% से अधिक है। राज्य के कुल 30% एसटी आबादी के हिसाब से यह महत्वपूर्ण है।
- स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल को बलौदाबाजार: जिले की जनसंख्या 18 लाख+ होने से स्वास्थ्य योजनाएं (जैसे आयुष्मान भारत) को गति मिलेगी। जिले का घनत्व 642 है, जो राज्य औसत (189) से दोगुना है, इसलिए महामारी प्रबंधन मजबूत होगा।
- नए मंत्रियों का रोल: गजेंद्र यादव (राजनांदगांव, 15 लाख+ जनसंख्या) शिक्षा पर जोर देंगे, जहां साक्षरता दर 72% है। गुरु खुशवंत साहेब (सक्ती, 10 लाख+) रोजगार पर फोकस करेंगे, जो युवा आबादी (राज्य में 35% 15-35 वर्ष) के लिए लाभदायक। राजेश अग्रवाल (गौरेला, 4.5 लाख) पर्यटन को बढ़ावा देंगे, जहां वन कवर 45% है।
- महिला सशक्तिकरण: लक्ष्मी राजवाड़े (एकमात्र महिला मंत्री) को बलरामपुर (एसटी बहुल, 6 लाख+) मिला, जो महिला-बाल विकास योजनाओं (जैसे बेटी बचाओ) को आदिवासी क्षेत्रों में मजबूत करेगा। राज्य में महिला साक्षरता 68% है, जिसे लक्षित किया जा रहा है।


