दोष से मुक्ति दिलाने वाले व्रत को प्रदोश व्रत कहा जाता है। ये व्रत कलियुग में समस्त संकटों से मुक्ति पाने और मोक्ष की राह आसान करने वाला गया है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और पार्वती की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने से व्यक्ति को हर एक दुख से निजात मिल सकती है। इसके साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस साल मार्च में प्रदोष व्रत कब-कब रखा जाएगा, नोट कर लें इसकी डेट, मुहूर्त।
मार्च 2025 में प्रदोष व्रत कब-कब ?
पहला प्रदोष व्रत – मार्च में पहला प्रदोष व्रत 11 मार्च 2025 मंगलवार को होगा। ये फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष का भौम प्रदोष व्रत होगा।
फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि 11 मार्च 2025 को सुबह 8.13 से शुरू होकर 12 मार्च को सुबह 9.11 मिनट तक रहेगी।
पूजा मुहूर्त – शाम 6.27 – रात 8.23
दूसरा प्रदोष व्रत – मार्च में दूसरा प्रदोष व्रत 27 मार्च 2025 गुरुवार को किया जाएगा। ये चैत्र माह का गुरु प्रदोष व्रत होगा।
चैत्र कृष्ण त्रयोदशी तिथि 27 मार्च को प्रात: 1.42 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन रात 11.03 मिनट पर होगा।
पूजा मुहूर्त – शाम 6.44 – रात 8.59
भौम प्रदोष व्रत महत्व
मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों में इस दिन को कर्ज उतारने के लिए बड़ा ही श्रेष्ठ माना जाता है। पुराणों में बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति शिव प्रतिमा के दर्शन करता है उसके समस्त समस्याओं का हल निकलता है।
गुरु प्रदोष व्रत महत्व
गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव और देवी पार्वती की कृपा पाने का सशक्त माध्यम है। गुरु प्रदोष व्रत आर्थिक समस्याओं से मुक्ति पाने वाला माना गया है। इसके प्रभाव से जीवन में मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का संचार होता है।
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि K.W.N.S. किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
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