khabarworld24.com – भारत में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ अमीरों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 8 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति रखने वाले लोगों की संख्या 8.5 लाख तक पहुँच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 तक यह संख्या दोगुनी होकर 16.5 लाख से अधिक हो जाएगी। यह वृद्धि मुख्यतः टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और रियल एस्टेट क्षेत्रों में हो रहे प्रगति से प्रेरित है।
प्रमुख आंकड़े:
- वर्तमान स्थिति (2024):
- 8.5 लाख भारतीयों के पास 8 करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति है।
- इस वर्ग में अमीर लोगों की संख्या पिछले 5 सालों में लगभग 40% बढ़ी है।
- प्रक्षेपण (2027):
- 2027 तक यह संख्या 16.5 लाख से अधिक हो सकती है, जो कि 94% की वृद्धि दर्शाती है।
- उच्च-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) का आंकड़ा भारत में वैश्विक औसत से तेज गति से बढ़ रहा है।
अमीरों की संपत्ति के प्रमुख स्रोत
- टेक्नोलॉजी:
- भारतीय टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री ने पिछले कुछ सालों में बड़ा उछाल देखा है, जिसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और फिनटेक सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।
- 2023-2024 में टेक्नोलॉजी सेक्टर ने अकेले भारतीय HNIs के संपत्ति में 25% योगदान दिया।
- स्टार्टअप्स:
- भारत में स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। नए यूनिकॉर्न (1 बिलियन डॉलर से अधिक वैल्यूएशन वाले स्टार्टअप्स) की संख्या में वृद्धि ने इस क्षेत्र को संपत्ति सृजन का मुख्य स्रोत बना दिया है।
- 2024 में स्टार्टअप्स से जुड़े कई उद्यमियों की संपत्ति 10 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई।
- रियल एस्टेट:
- शहरीकरण के साथ, रियल एस्टेट का मूल्य लगातार बढ़ रहा है। मेट्रो शहरों में संपत्ति की कीमतों में उछाल और लग्ज़री प्रॉपर्टीज की मांग ने इस क्षेत्र को अमीरों की संपत्ति में प्रमुख योगदानकर्ता बनाया है।
- 2024 में भारतीय रियल एस्टेट ने कुल संपत्ति में लगभग 30% योगदान दिया।
क्यों हो रही है इतनी वृद्धि?
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नवाचार और डिजिटलाइजेशन: भारतीय टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सेक्टर में नवाचार और डिजिटलाइजेशन ने संपत्ति सृजन में बड़ा योगदान दिया है। नए व्यवसाय मॉडल, खासकर डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स से संबंधित, ने युवा उद्यमियों को तेजी से अमीर बनाया है।
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वैश्विक निवेश: विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भी भारतीय टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स में बढ़ रही है, जिससे नए अवसर और पूंजी का संचार हो रहा है।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि अमीरों की संख्या में वृद्धि हो रही है, लेकिन यह ध्यान देने वाली बात है कि भारत में असमानता भी तेजी से बढ़ रही है। एक तरफ जहां एक तबका तेजी से संपन्न हो रहा है, वहीं बड़ी जनसंख्या अभी भी गरीबी रेखा के नीचे संघर्ष कर रही है।
निष्कर्ष
2027 तक भारत में 8 करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति रखने वाले व्यक्तियों की संख्या 16.5 लाख से अधिक होने की संभावना है, जो कि देश की अर्थव्यवस्था में हो रहे संरचनात्मक परिवर्तनों और तेज़ी से विकसित हो रहे सेक्टर्स, खासकर टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और रियल एस्टेट के योगदान को दर्शाता है। हालांकि, यह वृद्धि असमानता के पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने की भी आवश्यकता बताती है, ताकि समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
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