khabarworld24.com – छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से एक बड़ी परियोजना की घोषणा की है। छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना के अंतर्गत राज्य में कुल ₹476 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक जैव प्रौद्योगिकी पार्क का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को चालू करने के लिए प्रारंभिक तौर पर ₹100 का सांकेतिक अनुदान द्वितीय अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है, जिसे वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हाल ही में विधानसभा में पेश किया।
परियोजना का उद्देश्य:
यह जैव प्रौद्योगिकी पार्क छत्तीसगढ़ को अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। परियोजना का उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और उत्पादन को बढ़ावा देना है, जिससे राज्य की आर्थिक और औद्योगिक वृद्धि को गति मिल सकेगी।
क्या है जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना?
इस परियोजना के तहत एक व्यापक जैव प्रौद्योगिकी हब का निर्माण किया जाएगा, जिसमें उच्चस्तरीय प्रयोगशालाएं, अनुसंधान केंद्र और जैव-औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाएगी। यह पार्क निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करेगा:
- जैव कृषि (Bio-agriculture)
- जैव औषधि (Bio-pharmaceuticals)
- पर्यावरणीय जैव प्रौद्योगिकी (Environmental Biotechnology)
- जैव ऊर्जा (Bio-energy)
- पशु जैव प्रौद्योगिकी (Animal Biotechnology)
आर्थिक लाभ:
परियोजना से न केवल राज्य में जैव प्रौद्योगिकी उद्योग का विकास होगा, बल्कि हजारों नई नौकरियों का सृजन भी होगा। इसके अलावा, इस जैव प्रौद्योगिकी पार्क से छत्तीसगढ़ में निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बजट प्रावधान:
वित्तीय वर्ष 2024-25 के द्वितीय अनुपूरक बजट में इस परियोजना के लिए प्रारंभिक तौर पर ₹100 का सांकेतिक अनुदान रखा गया है। हालांकि, परियोजना की कुल लागत ₹476 करोड़ आंकी गई है, जो भविष्य में राज्य की आर्थिक योजनाओं के अनुसार व्यय की जाएगी।
परियोजना से संभावित लाभ:
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रोजगार सृजन: जैव प्रौद्योगिकी पार्क से युवाओं के लिए नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे, जिससे राज्य में रोजगार की स्थिति में सुधार होगा।
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शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को समर्थन: राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों के लिए इस पार्क से सहयोग प्राप्त होगा, जिससे अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।
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निवेश आकर्षण: यह पार्क राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में सुधार: इस परियोजना के माध्यम से विकसित तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि क्षेत्र में सुधार लाएंगी। जैव औषधि और जैव कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान से कृषि उत्पादकता बढ़ाने और नए औषधीय उत्पादों के विकास की संभावना है।
मुख्यमंत्री का बयान:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने इस परियोजना को राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा, “जैव प्रौद्योगिकी पार्क छत्तीसगढ़ को अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनाएगा और राज्य की औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देगा।”
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना राज्य की आर्थिक और औद्योगिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखती है। सरकार का यह कदम राज्य को एक तकनीकी और अनुसंधान हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल आर्थिक समृद्धि को बल मिलेगा, बल्कि राज्य की नई पीढ़ी के लिए भी बेहतर भविष्य के द्वार खुलेंगे।
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