खबर वर्ल्ड24-व्यास पाठक -छत्तीसगढ़ – देश में दाल, सब्जियों और मसालों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है। पहले से ही अनाज, दाल और दलहन की कीमतों में वृद्धि ने घरेलू बजट पर दबाव डाला हुआ था, अब महंगे मसालों ने इस बोझ को और बढ़ा दिया है। सब्जियों की सीजनल आवक के बावजूद उनके दाम पिछले साल की तुलना में लगभग दुगुने हो गए हैं। इससे आम जनता की रसोई का खर्चा बेतहाशा बढ़ गया है।
सब्जियों की कीमतों में उछाल
पिछले साल की तुलना में सब्जियों के दामों में भारी वृद्धि देखी जा रही है। उदाहरण के लिए, टमाटर, जो पिछले साल 10 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, अब 30 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। इसी तरह, अन्य सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं, जो सामान्य जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं।
अनाज और दालों की कीमतें
अनाज और दालों की कीमतों में भी कोई राहत नहीं है। दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम आदमी की परेशानी और बढ़ गई है। सरकार द्वारा खुदरा महंगाई कम होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।
महंगे मसालों ने बढ़ाया बजट
सब्जियों और दालों के बाद अब महंगे मसालों ने थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है। मसालों की कीमतें पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी हैं, जिससे खाने का स्वाद तो बदल रहा है, लेकिन इसका असर सीधा आम आदमी के बजट पर पड़ रहा है।
मसालों के बढ़े हुए दाम (प्रति किलो)
- जीरा: 280-300 रुपए
- सौंफ: 120-180 रुपए
- अजवाइन: 200-240 रुपए
- हल्दी: 130-180 रुपए
- सूखी मिर्च: 150-220 रुपए
- धनिया: 100-130 रुपए
- छोटी इलायची: 2800-3500 रुपए
- काली मिर्च: 700-760 रुपए
- जावित्री: 1800-2000 रुपए
- हींग: 800-850 रुपए
- सौंठ: 280-300 रुपए
इन मसालों की बढ़ती कीमतें घरेलू बजट को प्रभावित कर रही हैं। छोटी इलायची, जो पहले 3000 रुपए प्रति किलो थी, अब 3500 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। काली मिर्च और जावित्री जैसी वस्तुओं के भी दामों में तेज वृद्धि हुई है।
महंगाई पर सरकार की स्थिति
सरकार द्वारा बार-बार खुदरा महंगाई को नियंत्रित करने की बात की जा रही है, लेकिन बाजार में बढ़ती कीमतें इसके विपरीत नजर आती हैं। बढ़ती महंगाई के कारण जहां एक ओर रसोई का खर्च बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी की बचत भी घट रही है।
निष्कर्ष
महंगाई का यह दौर आम जनता के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। सब्जियों, दालों और मसालों की लगातार बढ़ती कीमतें हर घर के बजट को प्रभावित कर रही हैं। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि आम जनता को राहत मिल सके और उनकी रसोई का खर्च सामान्य हो सके।
khabarworld24.com

