खबर वर्ल्ड न्यूज-अजय शर्मा-जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के नए सीएम विष्णुदेव साय जी को जन्मदिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। साय जी का प्रदेश में बड़ा नाम है। वे आदिवासी समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्म कांसाबेल विकासखंड के एक छोटे से गांव बगिया में हुआ। वे एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते है। किसान परिवार में जन्मे विष्णुदेव साय का बचपन काफी संघर्षों में बीता है।
दरअसल, विष्णुदेव साय अपने 4 भाइयों में सबसे बड़े हैं और परिवार की जिम्मेदारी भी इनपर सबसे ज्यादा है। पिता के निधन के बाद तो और सारा बोझ इनके ऊपर ही आ गया था। इसके चलते अपनी पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी थी।विष्णुदेव साय चार बार सांसद, तीन बार विधायक, केंद्रीय राज्य मंत्री और दो-दो बार के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। इसके साथ ही साय को संगठन में काम करने का लंबा अनुभव भी है। साल 2023 में विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुनकुरी सीट से जीत हासिल भी की है। विष्णुदेव साय साफ छवि के नेता के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत 1989 से की थी। साय ने राजनीति में गांव के पंच के रूप में कदम रखा था। संघ से जुड़े थे। भारतीय जनता पार्टी ने साल 1990 में उनके ऊपर भरोसा जताकर तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक का टिकट दिया, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद वे रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार के सांसद भी चुने गए। साल 1999 से लेकर साल 2014 तक लगातार तीन बार सांसद रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने घर के काम करने के साथ साथ पूरे गांव की मदद किया करते थे। इसी का परिणाम रहा कि 1989 में उन्होंने पंच का चुनाव लड़ा और उन्हें जीत हासिल हुई। जिसके बाद 1990 में उन्हें ग्राम पंचायत बगिया के सरपंच के तौर पर निर्विरोध चुना गया। सरपंच बनने 1 साल बाद 1991 में उनकी शादी कौशल्या साय के साथ हुई जिनसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को 2 बेटी और 1 बेटा है।
रामराज किन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम” सुंदरकांड की यह उक्ति विष्णु देवसाय जी का सूत्र वाक्य है श्री साय जी भगवान राम के प्रति अगाध श्रद्धा और उनके आदर्श को सर्वोपरि मानते हैं। अपने सार्वजनिक जीवन में उनकी कोशिश रही है कि भगवान श्री राम के आदर्शों पर चले और एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में हर संभव योगदान किया जा सके। अपनी गहरी धार्मिक भावना और लोगों के जन कल्याण की गहरी सोच ने विष्णु देव साय जी को सहृदय बनाया है। वे हमेशा विनम्रता से लोगों से बातें करते हैं उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उसका निवारण करने के लिए तत्पर होकर कार्य करते हैं। भगवान राम के प्रति अगाध श्रद्धा और जनकल्याण में सदा रुचि रखने वाले प्रदेश के मुखिया विष्णु देव सायजी की सौम्य शील एवं सेवाभावी हैं।
जनकल्याण की भावना उन्हें अपने परिवार से विरासत में मिली है छोटी सी उम्र में पिता श्री राम प्रसाद साय जी का साया सर से उठ गया। माता जसमती देवी साय ने उनका लालन-पालन किया। माता के साथ मिलकर पारिवारिक जिम्मेदारियां को उन्होंने संभाली श्री सायजी का प्रारंभ से ही युवाओं से जुड़ाव रहा जो आज उनके व्यवहार एवं व्यक्तित्व में स्पष्ट दिखाई देता है। श्री साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं के हित में प्रतियोगी परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के साथ ही यह निर्णय लिया है कि जिस परीक्षा में अनियमित हुई है उनकी जांच कराएगी। श्री विष्णु देव साय जी में अनुपम कार्य कुशलता, राजनीतिक प्रशासनिक एवं संगठनात्मक क्षमता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की गारंटियों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्री सायजी पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं हमारा छत्तीसगढ़ राज्य का धन्यभाग है जो सादगी के प्रतिरुप, सज्जन,शांत स्वभाव एवं पार्टी नेतृत्व के प्रति अटूट विश्वास रखने वाले, अपने सामान्य कार्य कर्ताओं के प्रति समान भाव रखने वाले श्री सायजी को मुखिया के रूप में प्राप्त किया आज आपके जन्म दिवस पर आपको कोटिश बधाई एवं शुभकामनाएं।

