खबर वर्ल्ड न्यूज-अजय शर्मा-जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनाने का खेल चल रहा है। एक तरफ जहां धड़ल्ले से गरीबी रेखा के कार्ड बनाया जा रहे हैं वहीं एपीएल कार्ड को बीपीएल के तौर पर कन्वर्ट भी किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार करीब 2 साल में यहां 6 8 1 5 1 एपीएल कार्ड घट गए 9 मार्च 2021 में राज्य में 9 6 9 8 3 7 एपीएल कार्ड थे जो की 25 फरवरी 2023 की स्थिति में घटकर 901686 हो गए हैं यह माना जा रहा है कि करीब 2 साल में जो नए 5 लाख 92 हजार से ज्यादा बीपीएल कार्ड बने उसमें एपीएल कार्ड वाले परिवार भी शामिल है यानि पहले जो एपीएल थे अब वह बीपीएल कैटेगरी में आ चुके हैं।
प्रदेश में अंत्योदय निराश्रित प्राथमिकता और निशक्तजन के साथ ही बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसमें एपीएल को छोड़कर सभी बीपीएल कैटेगरी के माने जाते हैं। एपीएल को सामान्य परिवार की कहा जाता है यानी जो गरीबी रेखा के ऊपर वाले परिवार है एपीएल को प्रति व्यक्ति 10 किलो चावल ₹10 के रेट में मिलता है जबकि निराश्रित और निशक्तजन को छोड़कर बाकी बीपीएल को न्यूनतम 35 किलो चावल दिया जाता है। 1 किलो शक्कर और नमक भी मिलता है। आज यह देखा जा रहा है कि किसी भी व्यक्ति के आर्थिक स्तर को देखे बिना उसका बीपीएल कार्ड बन जा रहा है जबकि वास्तव में देखा जाए तो जिनका नाम बीपीएल में है उनके पास स्वयं का मकान, वाहन, जमीन है सरकार द्वारा जो योजनाएं गरीबों के लिए बनाई गई है। उसका लाभ बीपीएल वाले ले रहे हैं इसके लिए सरकार को कड़ा नियम अपनाने की आवश्यकता है।
क्योंकि जो आर्थिक रूप से सक्षम है वह आसानी से बीपीएल कार्ड बनवाकर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इस प्रकार के मुक्तखोरी से राज्य की आर्थिक विकास अवरुध्द होगा। एपीएल कार्ड धारी अपनी पहुंच और रसूख का फायदा उठाकर श्रमिक कार्ड बनवाकर बीपीएल कार्ड बना ले रहे हैं और 5 लाख के मुक्त इलाज का फायदा भी उठा रहे हैं, इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बच्चों के आरटीआई के तहत एडमिशन करवाने के मकसद से भी लोग बीपीएल कार्ड बनवा रहे हैं।
एपीएल कार्ड आधारित श्रमिक कार्ड निरस्त करवाने के बाद श्रमिक कार्ड पर लगाकर बीपीएल के लिए नया आवेदन करते हैं और उनकी कार्ड बन जाता है श्रमिक कार्ड एवं आधार कार्ड के आधार से आसानी से बीपीएल कार्ड बन जाता है। जांजगीर नैला में देखा जाय तो बड़े बड़े रहीस लोग गरीबी रेखा का कार्ड बनवाकर मुफ्त में चावल उठा रहें हैं। इनके सामने जो सचमुच में गरीब लोग है उनको नही मिल रहा है। नैला जांजगीर में देखा जाए तो 80% अमीर लोग फायदा उठा रहें हैं।
सरकार से हर गरीब तत्व लोग की गुजारिश है। इन जो लोग गरीबी रेखा के पात्र नही है उनके ऊपर जांचकर इनका गरीबी रेखा की कार्ड बना है उनको निरस्त किया जाय।

